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स्वास्थ्य केन्द्रों पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंः आराधना शुक्ला

स्वास्थ्य केन्द्रों पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंः आराधना शुक्ला

मुजफ्फरनगर। प्रमुख सचिव परिवहन/नोडल अधिकारी मुजफ्फरनगर श्रीमती आराधना शुक्ला ने निर्देश दिये कि बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आम जनता को प्रत्येक दशा में मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधुनिकतम मशीनंे और उपकरण उपलब्ध कराये गये है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें और बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराये, जिससे आम जनता निजी चिकित्सकों एवं नर्सिंग होम की तरफ आकर्षित न हो। चिकित्सक अपने पेशे के साथ न्याय करें और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चत करें। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जीवन रक्षक दवाईयों की कोई कमी नहीं होनी चाहिए, साथ ही पूर्ण क्षमता के साथ ओपीडी संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई तथा प्रतिदिन बैडशीट आदि बदली जाये। प्रमुख सचिव परिवहन/नोडल अधिकारी मुजफ्फरनगर श्रीमती आराधना शुक्ला आज यहां जडौदा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर रही थी। निरीक्षण के दौरान उन्होने उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन करते हुए प्रभारी चिकित्सक सहित सभी स्टाफ की भौतिक उपस्थित भी चैक की। निरीक्षण में चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सात लोग सहित एक संविदा कर्मी कार्यरत है, जो उपस्थित थे। शौचालय के साफ नही पाये जाने व शौचालय में दिमक एवं सीलन पाई गयी तथा लाईट की भी सुविधा नहीं होने पर उन्होंने कडी नाराजगी व्यक्त की तथा तत्काल सुधार किये जाने के निर्देश दिये। प्रमुख सचिव ने प्रभारी चिकित्सक को व्यवस्था सुधारने के लिए कडी फटकार लगायी और कैम्पस में साफ-सफाई के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चिकित्सक कैम्पस में ही प्रवास करें। निरीक्षण मंे पाया गया कि रात्रि में मरीज को रोका नहीं जाता है। एक मरीज सूर्यमल को 104 बुखार होने के बाद भी रोका नहीं गया और डिस्चार्ज कर दिया तथा पर्चे पर एडवाईज भी नहीं लिखा गया। प्रमुख सचिव ने औषधि स्टोर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉक रजिस्टर एवं डिसपैच रजिस्टर भी देखे। उन्होंने बोगरान इंजेक्शन की इशू एवं उसकी खपत भी देखी। एक अन्य इंजेक्शन जो कि लोकल जडौदा का मैन्युफेक्चर था, उसके बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली। उन्होंने पाया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रिफज उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि टिटनेस के इंजेक्शन जो कोल्डचेन में रखे जाते है, वो कहां रखे जाते है। उन्होंने कहा कि आम जनता को मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने आयरन, फोलिक आदि कि भी उपलब्धता देखी। उन्होंने रेनवॉटर, हाईवेस्टिंग तथा सोलर पैनल स्थापित कराये जाने के सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये। विटामिन ए की 10 शीशी दी गयी थी एक शीशी शेष पाई गयी है। उन्होंने चिकित्सक चन्द्रकिशोर से दवाईयों की सूची देखी और इवाईयों की उपलब्धता की जानकारी ली। 2 अगस्त 2016 को लास्ट डिलीवरी करायी गयी थी। यहां 9 आशायें एवं 11 आंगनवाडी कार्यरत है। आशाओं को डिलीवरी पर 600 रूपयें मानदेय दिया जाता है। उन्होंने सूजडू से आयी मरीज हुस्नआरा से वार्ता कर चिकित्सक व अन्य स्टाफ के व्यवहार और इवाईयों की जानकारी ली। बलगम आदि के चार परीक्षण हुए पाये गये। इस माह में चार पॉजीटिव केस मिले, जिन्हें डॉट्स सैन्टर पर संदर्भित किया गया है। प्रमुख सचिव ने डिलीवरी कक्ष का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण में लाईट चालू नहीं पायी गयी और पंखे का कन्डेंसर खराब बताया गया। प्रमुख सचिव ने जडौदा बस स्टैन्ड से ईलाज के लिए आये बच्चें नाजिया, सोफया, प्रवीण से बात की और उन्हें मिठाई खाने के लिए पैसा दिया। प्रमुख सचिव ने कैम्पस में हैडपम्प को चलवाकर देखा और कैम्पस की सापफ सफाई, आवासीय भवनों की अव्यवस्था तथा टूटे पाईप को दुरूस्त कराये जाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी, एसडीएम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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