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मुज़फ्फरनगर में गाँधी कॉलोनी में पिता-पुत्र की मौत, 24 घंटे में गयी 7 की जान, अब ज़िले की स्थिति को लेकर योगी भी हुए चिंतित !

मुज़फ्फरनगर में गाँधी कॉलोनी में पिता-पुत्र की मौत, 24 घंटे में  गयी 7 की जान, अब ज़िले की स्थिति को लेकर योगी भी हुए चिंतित !

मुज़फ्फरनगर- ज़िले में कोरोना का कहर अब विकराल हो चुका है, स्थिति दिन प्रतिदिन और भयंकर होती जा रही है,अभी तक कोरोना 52 जान भी ले चुका है जिनमे एक डॉक्टर भी शामिल है, पिछले 24 घंटे में ही 7 मरीज कोरोना के शिकार बन चुके है, स्थिति की विकरालता का अंदाजा आप इससे भी लगा सकते है कि यहाँ से मिल रही रिपोर्ट के आधार पर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चिंतित हो गए है और उन्होंने आज ज़िले पर खास नज़र रखने के निर्देश भी दिए है। मुज़फ्फरनगर में अब कोरोना के 1135 पॉजिटिव केस हो चुके है।

आज गाँधी कॉलोनी में प्रमुख चिकित्सक परिवार से जुड़े अजय पटपटिया की भी कोरोना से मौत हो गयी है, वे कई दिन से नॉएडा में अपना उपचार करा रहे थे और इसी बीच उनके पिता राजेंद्र पटपटिया की भी 11 सितम्बर को मौत हो गयी थी ,जिसके बारे में अजय से छिपाया जा रहा था कि आज अजय की भी मौत हो गयी है। बताया जा रहा है कि अजय को कोरोना होने के कारण पिता राजेंद्र पटपटिया का हृदयघात से निधन हो गया था,जिनके निधन की जानकारी अजय से छुपाई जा रही थी,अब अजय को भी कोरोना से आराम आ रहा था लेकिन आज उसने दम तोड़ दिया, अजय गाँधी कॉलोनी के प्रमुख पटपटिया परिवार से थे और मैडिकल स्टोर देखते थे।

कल भी गाँधी कॉलोनी में एक युवक की कोरोना से मौत हो गयी थी, ज़िले में पिछले 24 घंटे में 7 लोगो की जान चली गयी है जिसके बाद अब ज़िले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 52 तक पहुँच चुकी है। शेरनगर निवासी यामीन की भी आज कोरोना से मौत हो गयी है।

मुज़फ्फरनगर में कोरोना की स्थिति लगातार ख़राब होती जा रही है जिसके कारण अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चिंता जतायी है, मुख्यमंत्री ने आज सुबह लखनऊ में की समीक्षा बैठक में मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई है और आला अधिकारियों को प्रतिदिन ध्यान रखने के निर्देश दिए है, सहारनपुर मंडल में जिस तेजी से मरीज बढ़ रहे है ,शासन और प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है, ऑक्सीजन और दवाई की कमी भी होनी शुरू हो गयी है जिसके चलते आज सहारनपुर के जिलाधिकारी तो तुरंत अस्पताल पहुंचे और उन्होंने स्वास्थ्य अफसरों से बैठक करके तुरंत ऑक्सीजन की अतिरिक्त व्यवस्था बनाने को कहा है, लेकिन मुज़फ्फरनगर में सब राम भरोसे चल रहा है, किसी को कोई चिंता होती नज़र नहीं आ रही है, सहारनपुर में तो डॉक्टर मरीजों पर दो दिन में ही अस्पताल से चले जाने का दबाव देने लगे है जबकि मुज़फ्फरनगर में एल-1 कैटेगिरी के मरीजों को अफसरों ने भर्ती करना ही बंद कर दिया है,अब उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा होम आइसोलेसन के लिए दबाव दिया जा रहा है और वहां भी कोई उनसे पूछने की जहमत नहीं उठा रहा है, इसलिए सतर्क रहे, अपनी सुरक्षा खुद रखे, मास्क लगाए, भीड़ से बचें।

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