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ट्रैक ब्लॉक हुआ फेल, घंटों फंसे रहे ट्रेन में यात्री...पांच घंटे का ब्लॉक बन गया 10 घंटे का, आसपास के स्टेशनों पर खडी रही आध दर्जन ट्रेनें

मुजफ्फरनगर। मंगलवार को दिन भी ट्रेन यात्रियों के लिए मंगलकारी नहीं रहा। रेलवे की ओर से आज भी तीन ट्रेनों को लिये गये पांच घंटे के ट्रैक ब्लॉक के कारण रद्द कर दिया गया। जिसके चलते पूछताछ केंद्र पर लोगों का भारी जमावड़ा नजर आया तथा लोग बहस करते नजर आये। आज भी वहीं तीन पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया, जिन्हें सोमवार को रद्द किया गया था। देर शाम ब्लॉक के फेल हो जाने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें घंटों ट्रेन में भूखे प्यासे रहना पड़ा। शाम के समय गुजरने वाली आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर रोका गया। मुजफ्फरनगर स्टेशन पर स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल को बुलाना पड़ा। रात्रि पौने नौ बजे जाकर यातायात सुचारू हो सका। पांच घंटे का ट्रैक ब्लॉक लगभग 10 घंटे का बन गया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार रोहना व देवबंद के बीच पास रेलवे की ओर से विद्युत संबंधी कार्य किया जा रहा है। इसके चलते दो दिन पांच घंटे का ट्रैक ब्लॉक (प्रात: 11 बजे से लेकर दोपहर चार बजे तक) लिया गया। जिसके कारण दोपहर को आने वाली दो ट्रेनों 54472 ऋषिकेश पैसेंजर व 64561 दिल्ली-अंबाला पैसेंजर के साथ ही प्रात: को आने वाली 64562 अंबाला-दिल्ली पैसेंजर को सोमवार की ही भांति आज भी रद्द कर दिया गया। आज पूछताछ केंद्र पर यात्रियों की भारी भीड़ नजर आयी। यहां पर ट्रेनों की जानकारी करने को लेकर बहसबाजी भी देखने को मिली। यात्रियों की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि जब ट्रेनें रद्द की गयी, तो उन्हें नेट पर भी तो रद्द दिखाना चाहिए था। नेट पर तो वह चल रही हैं और यहां पर आकर मिला कि वह तो रद्द हैं। इस बात पर पूछताछ केंद्र के कर्मचारियों का कहना था कि जो उन्हें आदेश मिला, वह उसी के मद्देनजर चलेंगे, नेट पर ट्रेन को रद्द दिखाना उनके बस की बात नहीं है। पांच घंटे के इस ट्रैक ब्लॉक ने यात्रियों को भारी परेशानी में डाले रखा। जिनके पास अन्य विकल्प था, उन्होंने उसे लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया और जिनके पास विकल्प नहीं था, उनके पास सिवाये प्रतीक्षा के और कोई चारा नहीं बचा था।

शाम के समय स्थिति उस समय भयानक हो गयी, जब लिया गया ट्रैक ब्लॉक असफल हो गया अर्थात तय समय पर कार्य सम्पन्न नहीं हो सका। जिसके चलते उस समय गुजरने वाले सभी ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर खड़ा कर दिया गया। इसमें गाड़ी संख्या 14681 सुपर एक्सप्रेस को मुजफ्फरनगर स्टेशन पर, 14512 नौचंदी एक्सप्रेस को नांगल स्टेशन पर, 14521 इंटरसिटी एक्सप्रेस (दिल्ली-अंबाला एक्सप्रेस) को बामनहेडी रेलवे स्टेशन पर, 64559 दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर को जडौदा नरा स्टेशन पर, 18477 उत्कल एक्सप्रेस को मंसूरपुर स्टेशन पर तथा 14645 शालीमार एक्सप्रेस को खतौली स्टेशन पर रोका गया। पांच घंटे ट्रेन में फसे लोग बिलबिलाये: गाड़ी संख्या 14521 इंटरसिटी लगभग चार बजे मुजफ्फरनगर से चलकर बामनहेडी स्टेशन पर पहुंची। आगे ग्रीन सिगनल न मिलने के कारण ट्रेन को खड़ा कर दिया गया। रात्रि पौने नौ बजे ट्रैक सुचारू हो जाने के बाद ट्रेन को चलाया गया। इस दौरान पूरे पांच घंटे यात्री ट्रेन में पफंसे रहे। यह स्टेशन विरान स्थान पर है। यहां पर खानेपीने की भी व्यवस्था नहीं है। आज यहां पर ट्रेन यात्री केवल उसमें सामान बेचने वालों पर ही निर्भर रहे। छोटे बच्चों को भूख से बुरा हाल रहा।

पौने नौ बजे मिला ओएचई फिट: मुुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक विपिन त्यागी ने बताया कि तय समय में कार्य पूरा नहीं हो सका। जिसके चलते आधा दर्जन ट्रेनें आसपास के स्टेशनों पर खडी हो गयी। रात्रि पौने नौ बजे ओएसई फिट मिला। उसके बाद ट्रेनों को चलाया गया। मुजफ्फरनगर स्टेशन पर सुपर खड़ी थी।

प्रशासन ने की बसों की व्यवस्था: बामनहेडी रेलवे स्टेशन विरान स्थान पर होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकाश तो अपने रिश्तेदारों को फोन करके उनके साथ चले गये। केरल से आये एक परिवार ने अपने रिश्तेदार को फोन करके उसे बुलाया। उसके बाद वह अपने गंतव्य की ओर गये। वहीं दूसरी ओर प्रशासन के द्वारा वहां पर बसों की व्यवस्था की गयी। इस बीच व्यवस्था बनाने में तीनों थानों की फोर्स भी उपस्थित रही।

यात्रियों ने जमकर किया हंगामा: मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर स्थिति गंभीर हो गयी थी। यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया, जिसके चलते उनके द्वारा रेलवे अधिकारियों सहित कर्मचारियों का घेराव कर दिया गया। व्यवस्था को बनाने को लेकर जीआरपी व आरपीएफ तक को बुलाना पड़ा। पौने नौ बजे ट्रैक सुचारू होने पर ट्रेनों का संचालन किया गया। जिसके बाद यात्रियों का गुस्सा शांत हुआ।

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