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दरोगा ने बिना जांच के ही निर्दोष को भेजाजेल, एसएसपी ने दिये जांच करने के आदेश

दरोगा ने बिना जांच के ही निर्दोष को भेजाजेल, एसएसपी ने दिये जांच करने के आदेश

मोरना। जमीनी विवाद में पुलिस ने एक नाम राशि होने के कारण निर्दोष व्यक्ति को जेल भेज दिया। एसएसपी ने सीओ भोपा को जांच के आदेश दिये। न्याय के लिए पीड़ित ने हाईकोर्ट न्यायालय में भी रिट दायर की। भोपा थाना क्षेत्र के कस्बा भोकरहेड़ी निवासी हितेश ने एसएसपी से शिकायत कर बताया कि उसके पिता चन्द्रपाल ने 29 जनवरी 2014 को उत्तराखण्ड़ के थाना लक्सर के गांव रायघाटी के ओमप्रकाश पुत्र मंगल सिंह सैनी से 18 बीघा जमीन खरीदी। इस जमीन को हड़पने की नीयत से भोपा थाना क्षेत्रा के सिताबपुरी निवासी ओमप्रकाश पुत्र मंगल चौहान ने न्यायालय के आदेश पर गत 16 जून को उसके पिता चन्द्रपाल, धर्मेन्द्र, मुजफ्फर खां व ओमप्रकाश पुत्र सुखराम सैनी रायपुर रायघाटी के विरूद्ध मुकदमा कायम करा दिया, जिस पर उसने अपने पिता की गिरफ्तारी न होने का स्टे हाईकोर्ट से ले लिया, जिसका पता चलने पर विवेचक ने उसके पिता चन्द्रपाल व ओमप्रकाश पुत्र सुखराम को हिरासत में ले लिया, जब उसने विवेचक को अपने पिता का स्टे दिया, तो स्टे फेंक दिया और हाईकोर्ट के आदेश को भी मानने से इंकार कर दिया, इसके बाद उसके पिता को 11 घन्टे अवैध रूप से हिरासत में रख प्रताड़ित किया गया, मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने पर उसके पिता से कुछ कागजों पर हस्ताक्षर कराकर छोड़ दिया और हिरासत में लिए ओमप्रकाश पुत्र सुखराम को 18 अगस्त को जेल भेज दिया, जबकि वह निर्दोष है, क्योंकि उसके पिता को जमीन ओमप्रकाश पुत्र मंगल सैनी ने बेची है। विवेचक ने मुकदमे की विवेचना करे बिना ही निर्दोष व्यक्ति को जेल भेज दिया है। न्यायालय के स्टे आर्ड़र की अवलेहना करने पर उसने विवेचक के खिलाफ हाईकोर्ट में भी रिट दायर कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए सीओ भोपा को जांच करने के आदेश दिये है।

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