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किसान के खेत से निकली तोप...भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सहित एडीएमई व सीओ भी पहुंचे

मुजफ्फरनगर/पुरकाजी। पुरकाजी के गांव हरिनगर में अंग्रेजों के समय की एक तोप किसान के खेत से भाकियू के प्रदेशमहासचिव/पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी के प्रयास से मिट्टी खोदकर निकाली गई है। तोप निकालने की खबर जैसे ही गांव व आसपास के क्षेत्र में लगी, तो वहां पर हजारों लोगों की भीड़ तोप को देखने जमा हो गई। तोप निकलने की सूचना पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे। राकेश टिकैत ने साफ शब्दों में कहा कि यह तोप पुरकाजी के सूली वाला में रखी जाएगी। जो सूली वाला बाग के शहीदों की याद ताजा करेगी। तोप को जीसीबी की मदद से खेत से बामुश्किल ट्रेक्टर-ट्रॉली में रखकर सायं के समय पुरकाजी लाया गया। जहां देर सायं ढोल नगाड़ों के साथ तोप को सूली वाला बाग पर रखा गया। देर सायं एडीएम प्रशासन व सीओ भी सूली वाला बाग पहुंच चुके थे।

सन् 1857 ई. क्रांति की याद सोमवार को एक बार फिर से ताजा हो गई, जब पुरकाजी थाने के गांव हरिनगर में विनोद कश्यप के खेत से अंग्रेजों के समय की एक भारी भरकम तोप निकाली गई। बताया गया कि अंग्रेजों के समय में हरिनगर के जंगल में चार तोपे खेत में दबी हुई थीं। वर्षो पूर्व दो तोपों को प्रशासन ने निकलावा लिया था, लेकिन दो तोपें तभी से इस जंगल में ही दबी हुई थीं। जब इन तोपों की जानकारी पुरकाजी के चेयरमैन जहीर फारूकी को लगी, तो उन्होंने खेत मालिक विनोद कश्यप से संपर्क किया ओैर गन्ने की फसल कटने के बाद सोमवार को सुबह से ही खेत मेें जेसीबी की मदद से तोप को ढूंढने का कार्य शुरू किया गया। घंटों प्रयास के बाद आखिरकार तोप खेत से निकाली गई। तोप को जेसीबी की मदद से टैक्टर-ट्रॉली में रखकर पुरकाजी के सूलीवाला बाग पर लाया गया। स्थानीय निवासी पूर्व प्रधान लाल सिंह ने बताया कि तकरीबन 40 वर्ष पूर्व भी हरिनगर के जंगल से दो तोपे निकाली गई थीं। उन्होंने कहा कि यह तोपें निश्चित रूप से अंग्रेजों या उससे भी पहले के समय की हैं, इस बारे में कहा नहीं जा सकता है।

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