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जिला बार संघ का प्रबंधक/लिपिक अनय शर्मा लाखों रुपये का गबन कर फरार, मुकदमा दर्ज

जिला बार संघ का प्रबंधक/लिपिक अनय शर्मा लाखों रुपये का गबन कर फरार, मुकदमा दर्ज

मुजफ्फरनगर। जिला बार संघ में लाखों रुपये का घोटाला कर फरार हुए प्रबंधक/लिपिक अनय शर्मा के खिलाफ आज जिला बार संघ के महासचिव प्रदीप कुमार मलिक एडवोकेट ने सिविल लाईन थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया है। पुलिस ने फरार अनय शर्मा की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर जिला बार संघ के महासचिव प्रदीप कुमार मलिक एडवोकेट ने आज थाना सिविल लाईन में तहरीर देकर प्रबंधक/लिपिक अनय शर्मा के खिलाफ लाखों रुपये का घोटाला करने का मुकदमा दर्ज करा दिया है। अनय शर्मा फरार चल रहा है। बताया जा रहा है कि अनय शर्मा पुत्र चंद्रप्रकाश शर्मा निवासी भोपा रोड थाना नई मंडी काफी वर्षों से जिला बार संघ में प्रबंधक/लिपिक के पद पर नियुक्त रहा। वह बार संघ का समस्त हिसाब-खिताब व रुपयों का लेनदेन, बैंक में नगदी जमा व निकासी का काम करता चला आ रहा था। पिछले नवनिर्वाचित महासचिव सुनील दत्त शर्मा ने विगत 23 अप्रैल 2018 को वादों के पक्षकार के फैसले की राशि का कोई अभिलेख अथवा धनराशि बार कार्यालय में उपलब्ध् न होनेे के कारण फैसलों की धनराशि किसी पक्षकार द्वारा बार कार्यालय में नगद जमा करना बंद करके बैंक में नया खाता खुलवाकर सीधे बैंक खाते में जमा करने की व्यवस्था करने का निर्णय लिया और इस बाबत एक कार्यालय आदेश 23 अप्रैल 2018 को ही जारी किया। इसके उपरांत बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कचहरी रोड मुजफ्फरनगर शाखा में फैसलों की धनराशि सीध्े बैंक में जमा करके उसकी रसीद स्टाम्प पर फैसले की लिखित शर्तों के साथ कार्यालय में जमा करने और फैसलों की शर्तों के अनुसार ही धनराशि बैंक के माध्य से वापिस करने की व्यवस्था की और इस बाबत भी एक कार्यालय आदेश जारी किया। इस प्रकार 23 अप्रैल 2018 से बार कार्यालय में फैसलों की धनराशि नगद जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गयी। आज भी फैसलों की धनराशि नगद जमा न होकर सीधे पक्षकारों द्वारा बैंक में जमा करने की व्यवस्था लागू है, परन्तु शबनम, शिवकुमार, सुदेश कुमार, नीरज पुण्डीर, संदीप पुण्डीर, कुंवरपाल सिंह, राजेन्द्र सिंह एडवोकेट व रुकमणि वर्मा आदि के प्रार्थना पत्रों की जांच के उपरांत ज्ञात हुआ कि अनय शर्मा ने योजनाबद्ध तरीके से अपने पद का दुरूपयोग करके नियमों व आदेशों का उल्लंघन करके धेखाधड़ी व बेईमानी से 20 जून 2018 को एक लाख 55 हजार रुपये अलीमुद्दीन से, 30 जुलाई 2018 को एक लाख रुपये नीटू कुुमार से, 27 अक्टूबर 2018 को 80 हजार रुपये व चार दिसम्बर 2018 को 35 हजार रुपये कुल एक लाख 15 हजार रुपये अशोक कुमार पुत्रा कमलसिंह निवासी गगोल, थाना परतापुर जिला मेरठ से, छह दिसम्बर को 75 हजार रुपये चंचल वर्मा पुत्र कैलाशचंद वर्मा निवासी शाकुंतलम कॉलोनी मुजफ्फरनगर से, 15 दिसम्बर 2018 को 10 हजार रुपये व 24 दिसम्बर को एक लाख रुपये कुल एक लाख 90 हजार रुपये अजित पुत्र सोम निवासी सिम्भालका थाना झिंझाना जिला शामली से, 25 मार्च 2019 को एक लाख 45 हजार रुपये जानू से, 28 मार्च को एक लाख 30 हजार रुपये जगदीश त्यागी से, 28 मार्च को दो लाख रुपये संजय उर्फ सन्नी से नगद प्राप्त करके प्राप्ती जारी की। अब अनय शर्मा 13 सितम्बर 2019 के बाद से लगातार तरह-तरह की बहानेबाजी करके बाहर कार्यालय से अनुपस्थित चला आ रहा है। उसने बार-बार कहने के बावजूद भी उक्त फैसलों की धनराशि जो लगभग 11 लाख 10 हजार रुपये है, बार कार्यालय अथवा बैंक खाते में जमा नहीं करायी है, बल्कि उसे बेईमानी से हड़प करके गबन कर लिया है। अनय शर्मा द्वारा अन्य लोगों से भी इस तरह की धोखाध्डी व गबन की पूरी संभावना है। अनय शर्मा के खिलाफ पुलिस ने धरा 420, 408, 409 आईपीसी में मामला दर्जकर कार्यवाही शुरू कर दी है।

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