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भोकरहेडी के जंगल में शिकारियों के खटके में फंसा तेंदुआ....पूरा दिन तडपता रहा तेंदुआ, देर से पहुंची रेस्क्यू टीम, वन विभाग की लापरवाही हुई उजागर

भोकरहेडी के जंगल में शिकारियों के खटके में फंसा तेंदुआ....पूरा दिन तडपता रहा तेंदुआ, देर से पहुंची रेस्क्यू टीम, वन विभाग की लापरवाही हुई उजागर

मोरना। वन्य प्राणियों के तस्कर शिकारियों द्वारा लगाये खतरनाक खटके में तेंदुआ पफंस गया। सुबह सवेरे जंगल में गन्ना छीलने गये मजदूर की नजर अचानक तेंदुए पर पडी, तो वह घबरा गया। मजदूर ने किसान यशवीर सिंह को नरेश के खेत में तेंदुए के होने की सूचना दी। किसान द्वारा भोपा पुलिस को सूचना दी गयी। जंगल में तेंदुए के होने की खबर कस्बे व आसपास के क्षेत्र में जंगल में आग की तरह फैल गयी। हजारों की भीड जंगल में एकत्रित हो गयी। मौके पर पहुंची भोपा पुलिस ने ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करते हुए वन विभाग को तेंदुए के बारे में जानकारी दी। अलसाते हुए देर से पहुंची वन विभाग की टीम खटके में फंसे तेंदुए को देखकर बेबस नजर आयी। दोपहर बाद मेरठ से पहुंची रेस्क्यू टीम के असफल हो जाने पर देहरादून से आयी टीम ने किसी प्रकार तेंदुए को खटके से निकाला व पिंजरे में बंद कर साथ ले गये। 11 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग की नाकामी तथा शिकारियों द्वारा जंगली जानवरों के शिकार को लेकर भारी रोष व्याप्त है।

हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में शिकारियों के हौंसले कितने बुलन्द हैं। इसका प्रमाण रविवार सवेरे भोकरहेडी के जंगल में देखने को मिला। शिकारियों द्वारा चकरोड के बीच लगाये लोहे गये लोहे के खटके में तेंदुआ का अगला पैर फंस गया। तेंदुए ने खतरनाक खटके से निकलने का काफी प्रयास किया, किन्तु जमीन को गहरा कर गाडे गये मजबूत खटके से वह निकल न सका। सुबह सवेरे 6 बजे जब बलजोर सिंह की नजर तेंदुए पर पडी तो भयभीत हो गया।

दुआ लोहे के खटके से निकलने के लिए छटपटा रहा था। कुछ ही देर में भारी भीड मौके पर एकत्रित हो गयी। भीड को देखकर तेंदुआ तेज आवाज के साथ भीड की ओर लपकता, जिससे डरकर लोग खेत में गिरते दिखाई दिए। तेंदुए के खतरनाक तेवर देखकर पुलिस व वन विभाग की टीम ने भी तेंदुए से काफी दूरी बनाये रखी। दोपहर के समय मौके पर पहुंचे डीएफओ सूरज कुमार के नेतृत्व में 1:30 बजे तेंदुए का रैस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।

मेरठ से आई वाईल्ड लाईफ की टीम के मोहन सिंह, कमलेश कुमार व गौरव कुमार की टीम एक बडा जाल लेकर मौके पर पहुंचे। उपाय कारगर न होने पर लखनऊ कार्यालय द्वारा देहरादून की टीम को रेस्क्यू के लिए भेजा गया। देहरादून से डॉ. सनत मूल्या, सर्वेश कुमार द्वारा तेंदुए को बेहोश करने के बाद तेंदुए को जाल के सहारे पिंजरे में कैद किया गया। डीएपफओ सूरज कुमार ने बताया कि खटके में फंसे तेंदुए की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गयी। रेस्क्यू टीम द्वारा तेंदुए को खटके से सकुशल मुक्त कराकर मोहड राजाजी पार्क देहरादून भेजा गया है। शिकारियों पर कार्रवाई को लेकर उच्चाधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।

रोमांचकारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन: देहरादून की डब्ल्यूआईआई टीम ने गन व एन्क्यूलाईजर के द्वारा तेंदुए को बेहोश किया। दूर से निशाना बेकार जाने पर जाल लगी गाडी को तेंदुए के पास ले जाया गया तथा गाडी से सटीक निशाना लगाकर बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया। बेहोश हो जाने पर तेंदुए के ऊपर जाल डालकर काबू में किया गया तथा तेंदुए के पैर को किसी प्रकार खटके से मुक्त कराया तथा पिंजरे में कैदकर ग्लूकोज लगाया गया व चिकित्सक द्वारा तेंदुए के स्वास्थ्य की जांच कर प्राथमिक चिकित्सा दी गई।

जानवरों को बचाने के लिए नहीं है साधन: हजारों हेक्टेयर में फैले हस्तिनापुर सेंक्च्यूरी क्षेत्र में दुर्लभ जंगली जानवरों की जान बचाने के लिए प्रशासन के पास साधनों का अभाव रविवार को भोकरहेडी में दिखाई पडा। शिकारियों के खतरनाक खटके में फंसा तेंदुआ पूरा दिन तडपता रहा। वहीं साधन व उपकरण न होने के कारण वन विभाग के कर्मचारी दर्शकों की भांति मोबाईल से वीडियो बनाते रहे। मोरना, जानसठ, मीरापुर रेंज में जहां दर्जनो कर्मचारी सरकारी वेतन पर विभाग में कार्य कर रहे हैं। वहीं साधन न होन के कारण जानवरों की सुरक्षा में बडी खामी नजर आयी।

बंगाली समाज पर घूमी शक की सुईं: वन्य प्राणियों का शिकार करने के लिए बदनाम बंगाली समाज एक बार पुन: शक के दायरे में है। भोकरहेडी में शिकारियों द्वारा लगाये गये इस प्रकार के खतरनाक खटके का प्रयोग बंगाली समाज के व्यक्तियों द्वारा किया जाता है।

खटके को हटाने पर किसान की हुई थी हत्या: मोरना निवासी ब्रजेश पाल की हत्या दो वर्ष पूर्व उस समय कर दी गयी थी। जब सिंचाई के लिए खेत पर गये ब्रजेश ने शिकारी खटके को रास्ते से हटा दिया था, जिसमें बडी मेहनत कर महीनों बाद ककरौली पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए बंगाली समाज के व्यक्तियों को जेल भेजा था, जिसमें आरोपियों ने शिकारी खटका हटा देने को लेकर किसान ब्रजेश के सिर पर फावडे से वार कर हत्या कर देना स्वीकार किया था।

वन विभाग के खिलाफ भडका आक्रोश: मोरना। भोकरहेडी, शुकतीर्थ सेंचुरी क्षेत्र में वन्य जीवों के शिकार की शिकायत ग्रामीण व भाजपा कार्यकर्ता बार-बार करते रहे हैं, किन्तु लापरवाह वन विभाग जंगली जानवरों के शिकार को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है, जिसके चलते सेंचुरी क्षेत्र के दुर्लभ जानवरों का शिकार कर उनकी तस्करी का खेल जारी है।

आरोपियों के खिलाफ दर्ज नहीं हुआ मुकदमा: तेंदुए के शिकार के प्रयास का खुलासा होने के बावजूद वन विभाग द्वारा रविवार शाम तक भोपा थाने पर कोई तहरीर नहीं दी गयी है।

तेंदुए के शोर से भयभीत होकर युवक बेहोश: तेंदुए को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड मौके पर मौजूद रही। वहीं तेंदुए द्वारा बार बार खटके से निकलने के प्रयास व भीड की ओर लपकने से ग्रामीणों में भारी रोमांच रहा। इस दौरान तेंदुए देख रहा युवक घबराकर नीचे गिर गया। ग्रामीणों के प्रयास से कुछ देर में युवक को होश आ गया।

मोरना भोपा क्षेत्रा में किसानों को अक्सर दिखायी देता है तेंदुआ: चार दिन पहले भोपा अथांई मार्ग पर किसान के खेत से निकलकर मुख्य मार्ग पर तेंदुए को जाते हुए राहगीरों ने देखा था। राहगीरों की बात पर विश्वास न कर वन विभाग ने तेंदुए को फिशर कैट बताते हुए मामले को गम्भीरता से नहीं लिया था। वहीं तेंदुए की उपस्थिति को शायद शिकारियों ने भांप लिया व अपने खतरनाक इरादों को जाहिर करते हुए खटकों का प्रयोग करते हुए तेंदुए को पकडने का प्रयास किया।

ऑपरेशन के दौरान डीएपफओ सूरज कुमार, कंजरवेटर बी.के. जैन, रेंजर सिंह राजसिंह पुण्डीर, शबी हैदर, सीओ भोपा राममोहन शर्मा, थाना प्रभारी निरीक्षक मगनवीर सिंह गिल, एसएसआई राजकुमार राणा, एसआई लेखराज सिंह, जगपाल सिंह, अवधेश शर्मा, संजय राणा, प्रमोद कुमार, प्रवेश, सुनील, कर्मवीर, पशु चिकित्सक रविदीप आदि लोग उपस्थित रहे।

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