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हैदराबाद कांड: दस दिन और फैसला ऑन द स्पॉट...अधिकांश ने कहा कि यह घटना औरों के लिए बनेगी नजीर, जो हुआ सही हुआ

मुजफ्फरनगर। हैदराबाद की पशु चिकित्सक के मामले में पुलिस के द्वारा किया गया चारों आरोपियों का एनकाउंटर महिला वर्ग सहित पुरूष वर्ग ने सही बताया है। उनका कहना था कि उन्हें मौत की सजा तो होती, लेकिन काफी समय बाद। कम समय में अर्थात दस दिन के अंदर इस प्रकार की सजा होना अच्छा है। दूसरों को इससे सबक मिलेगां

कक्षा 9 की छात्रा रौनक का कहना था कि मेरा यह मानना है कि सरकार ने ऐसे कई नियम बनाए, जो बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ को प्रमोट करते हैं, लेकिन आज भी कई परिवार ऐसे हैं, जिन्हें इस बात का भय लगा रहता है कि कहीं उनकी बेटी के साथ भी ऐसी घटना ना हो जाए, जैसा कि यह हैदराबाद कांड था। हैदराबाद पुलिस को अपराधियों को मारने पर ढेरों बधाई।

वृंदा जैन कक्षा 11 ने कहा कि हम सब का मानना है कि लोगों को अपनी-अपनी सोच बदलनी चाहिए। उनको यह सोचना चाहिए कि जैसे हमारी बहन बेटियां हैं, वैसे ही दूसरी महिला भी किसी की बहन या बेटी होगी। हम अपनी सोच बदलेंगे, तभी तो देश बदलेगा।

हिमानी चौधरी कक्षा 11 ने कहा कि हैदराबाद पुलिस ने एनकाउंटर करके सही इंसाफ किया, किंतु दुखद है कि कुछ लोग पुलिस पर उंगली उठा कर मानव अधिकारों की बात कर रहे हैं।

कशिश नारंग कक्षा 9 ने कहा कि अगर यह सच में एनकाउंटर है, तो पुलिस को सलाम और अगर एनकाउंटर फर्जी है, तो भी पुलिस को सौ सलाम। सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए कि महिलाओं के द्वारा अपनी आत्मरक्षा में आरोपियों पर किए गए हमले पर कोई कार्यवाही ना हो।

प्रिया सिंह कक्षा 9 ने कहा कि लड़कियों को ऐसा प्रशिक्षण देना चाहिए कि वह किसी पर निर्भर ना रहें और अगर उन्हें कोई परेशान करे, तो वह खुद ही उसका सामना कर सकें। आज जैसा न्याय हैदराबाद पुलिस ने किया है, बस ऐसे ही न्याय मिले सबको।

आशिका गोयल कक्षा 11 ने कहा कि आज के दिनों में महिलाएं कहीं पर भी सुरक्षित नहीं हैं, चाहे वह घर पर हो या कहीं बाहर, जैसा हैदराबाद की बेटी के साथ हुआ, वैसा ही उन दरिंदों के साथ ही आज हैदराबाद पुलिस ने किया। सेल्यूट।

खुशी शर्मा कक्षा 11 ने कहा कि आज के दिनों में लड़कियों को भी अपने जीवन में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए और उन्हें कुछ अपने जीवन में नया अपनाना चाहिए। उन्हें अपने बचाव के लिए सेल्पफ डिफेंस की भी जानकारी होनी चाहिए।

ज्योति नारंग पीआर पब्लिक स्कूल की कक्षा 11 ने कहा कि हमारे यहां पर बोला जाता है कि पढ़ेगा इंडिया तो बदलेगा इंडिया, लेकिन हमारे देश में इसका बिल्कुल भी पूर्वत हो रहा है कि लड़ेगा इंडिया तब बदलेगा इंडिया। हैदराबाद पुलिस को बधाई।

सुहानी सिंघल कक्षा 9 ने कहा कि मेरा मानना है कि जिस प्रकार हैदराबाद की बेटी के साथ उन लड़कों ने हैवानियत दिखाई, उसको सुनकर तो मेरा मन यह करता कि उनको भी उसी प्रकार जिंदा जला देना चाहिए। जिससे उनको इस बात का एहसास हो कि जो हमने उस लड़की के साथ क्या है, वह हमें नहीं करना चाहिए था, लेकिन आज उसी प्रकार का न्याय हैदराबाद पुलिस ने किया है। उसे बधाई।

नियति सिंगल कक्षा 9 ने कहा कि मेरा यह मानना है कि यह जो जघन्य अपराध लड़कों ने हैदराबाद में किया है अगर कानूनी प्रक्रिया के हिसाब से चलता, तो कई साल लग जाते न्याय मिलने में, लेकिन आज जो हैदराबाद पुलिस ने एक्शन लिया है और तुरंत न्याय दिलाया है, उससे आगे होने वाले अपराधों पर अंकुश जरूर लगेगा।

महिमा प्रजापति कक्षा 9 ने कहा कि तेलंगाना पुलिस को दिल की गहराइयों से सेल्यूट। सरकार को ऐसे अपराधियों की सुनवाई नहीं करनी चाहिए। ना सुप्रीम कोर्ट में, ना हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्हें तो केवल फांसी पर लटका देना चाहिए, ताकि कोई भी ऐसा जघन्य अपराध करने की ना सोच पाए।

वंशिका वर्मा पीआर पब्लिक स्कूल की कक्षा 9 ने कहा कि तेलंगाना पुलिस को बधाई, लेकिन फिर भी इस दिशा में सरकार कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है, बल्कि आरोपी को अपने आप पर कोई फर्क महसूस नहीं होता और उनको पूरी तरह से सजा भी नहीं होती और वह फिर से ऐसा काम करने लगते हैं।

श्रीमती प्रतिमा सिसोदिया अध्यापिका ने कहा कि बेटियों को हम अच्छी शिक्षा दे रहे हैं। उन्हें डाक्टर, वकील, वैज्ञानिक आदि बना रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसी भी ट्रेनिंग नहीं दे रहे हैं, जिससे आपात स्थिति से निपट सकें। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।

श्रीमती नीता गुप्ता अध्यापिका पीआर पब्लिक स्कूल ने कहा कि जिस समाज में बलात्कारियों को बचाव के लिए मौका दिया जा रहा हो, वहां पर दुष्कर्म पीडि़तों को न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। ऐसे लोगों को बचाव के लिए कोई मौका नहीं दिया जाना चाहिए। तेलंगना पुलिस को बधाई।

सीमा त्यागी अध्यापिका ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए शुरुआत घर से ही करनी होगी। केवल सरकार के भरोसे रह कर कुछ नहीं हो सकता। बेटों को भी अच्छे संस्कार देने होंगे, तभी समाज में सुधार होगा।

श्रीमती स्वीटी अध्यापिका पीआर पब्लिक स्कूल ने कहा कि मेरा यह मानना है कि माता-पिता बेटियों को ही रोकते और टोकते हैं। बेटों को कोई सीख नहीं देते, जब तक बेटों को संस्कार नहीं दिए जाएंगे और उनकी गलत गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक सुधार नहीं होगा। आज जो त्वरित न्याय हैदराबाद पुलिस ने किया है उसके लिए ढेरों बधाई।

रेनू बर्मन अध्यापिका ने कहा कि कानून क्या करेगा ये तो वे ही जाने, लेकिन इस देश की लचर कानून व्यवस्था में इतनी जल्दी इंसाफ सिर्फ यही रास्ता है। आज इस देश के हर नागरिक के दिल से हैदराबाद पुलिस के लिए अभिनदंन और नमन निकल रहा है। अभिनंदन हैदराबाद पुलिस।

पीआर पब्लिक स्कूल के निर्देशक अनघ सिंघल ने कहा कि न दलील, न अपील और न्याय ऑन द स्पॉट। इस प्रकार के अपराधियों को इस प्रकार की ही सजा मिलनी चाहिए। जो मिसाल बने।

अनिल कुमार पीजीटी भौतिक विज्ञान ने कहा कि हैदराबाद के मामले में जो हुआ, सही हुआ। यह एनकाउंटर इस विकृत मानसिकता के लोगों के लिए सबक होगा। हमें अपने परिवार के बच्चों को सही शिक्षा देनी चाहिए।

प्रवीण कुमार व्यायाम शिक्षक ने कहा कि आज हुआ यह इंसाफ पीडित परिवार को राहत प्रदान करेगा। दिल्ली की निर्भया के मामले में सात साल बाद भी परिवार को न्याय नहीं मिल सका है।

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