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एस.डी.एम. बुढाना बने डीएम के क्रोध का शिकार .... देर रात हटाते हुए मुख्यालय किया अटैच, भूपेन्द्र बने एसडीएम बुढाना

एस.डी.एम. बुढाना बने डीएम के क्रोध का शिकार .... देर रात हटाते हुए मुख्यालय किया अटैच, भूपेन्द्र बने एसडीएम बुढाना

मुजफ्फरनगर। शनिवार को ग्राम सौरम में आयोजित जनचौपाल के दौरान जिलाधिकारी द्वारा किसान सम्मान निधि सूची न दिखाना एसडीएम बुढाना को भारी पड़ गया। इसके साथ ही लेखपाल पूर्ति निरीक्षक व एक राशन डीलर भी डीएम के क्रोध् की सीमा में आ गये। जिलाधिकारी ने उसी सभा में निर्णय लेते हुए एसडीएम बुढाना को वहां से न केवल बिना सरकारी गाडी के चले जाने को कहा, बल्कि उन्हें पद से हटाते हुए देर रात मुख्यालय अटैच कर दिया। इसके साथ ही लेखपाल व पूर्ति निरीक्षक को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी। साथ ही राशन डीलर के विरूद्ध भी कार्यवाही के लिये लिख दिया। डीएम द्वारा एसडीएम बुढाना दीपक कुमार के स्थान पर भूपेन्द्र कुमार को बुढाना एसडीएम नियुक्त किया। जन चौपाल कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे शनिवार को शाहपुर क्षेत्र में आने वाले गांव सौरम पहुंची, जिसमें आयुष्मान योजना, पेशन, कन्या सुमंगला योजना आदि केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही, लोक कल्याणपरक योजनाओं के द्वारा आम जनमानस को मिलने वाली सुविधाओं व जनसस्याओं के निस्तारण को लेकर लोगों को जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं को सुना। जिलाधिकारी गांव-गांव जाकर ग्रामवासियों की समस्याओं को सुन उनका निस्तारण करा रही है साथ ही केन्द्र व प्रदेश सरकार की चल रही लोक कल्याणकारी योजनाओं से ग्रामवासियों को आच्छादित भी कर रही है। इसी कडी में वह गांव सौरम पहुंची थी, जहां पर उन्होने जन चौपाल के तहत लोगों की समस्याएं सुनते हुए एसडीएम बुढाना दीपक कुमार से किसान सम्मान निधि सूची मांगी। एसडीएम ने सम्बंधित लेखपाल से सूची देखे के लिये कहा, जो लेखपाल नहीं दे पाया। जिस पर डीएम सेल्वाकुमारी जे ने एसडीएम बुढाना दीपक कुमार को हडकाते हुए यू कैन गो कहा साथ ही उन्हे पैदल बिना सरकारी गाडी के मुख्यालय पर आमद कराने के आदेश दिये थे। साथ ही लेखपाल व पूर्तिनिरीक्षक को भी प्रतिकूल प्रविष्टी दे दी। इसके साथ ही राशन डीलर की शिकायत पर उसके विरूद्ध भी कार्यवाही करने के लिये लिख दिया। देर रात डीएम ने कडा कदम उठाते हुए एसडीएम बुढाना दीपक कुमार के स्थान पर भूपेन्द्र कुमार को बुढाना एसडीएम नियुक्त कर दिया। जिलाधिकारी की इस कार्यवाही से सभी उच्चाधिकारियों में हड़कम्प मच गया।

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