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पॉक्सो एक्ट के मुकदमों में प्रभावी पैरवी करते हुए अधिक से अधिक सजा दिलवाये: जिलाधिकारी

पॉक्सो एक्ट के मुकदमों में प्रभावी पैरवी करते हुए अधिक से अधिक सजा दिलवाये: जिलाधिकारी

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि शासकीय अधिवक्ताओं का उद्ेदश्य अपराधियों को लम्बी अवधि के लिए सलाखों के पीछे भिजवाने का होना चाहिए। उन्होने कहा कि पुराने वादों को वरियता के आधार पर निपटारा कराये। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं को कडे निर्देश दिये कि अपराधिक प्रवृत्ति के लोग सलाखों के पीछे नजर आने चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी प्रकार के वादों में प्रभावी पैरवी करें सभी बदमाश व अपराधिक प्रवृति के गुण्डा तत्व जेल में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिवक्ता वाद की तिथि से पूर्व अपने केसों की भलि प्रकार अध्ययन अवश्य करें तथा अपने गवाहों पर भी नजर रखें, गवाह किसी के बहकावे या लालच में ना आयें। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे आज कलेक्ट्रेट सभागार में मासिक अभियोजन प्रक्रिया की समीक्षा कर रही थी। जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधियों की किसी भी स्तर पर जमानत न होने दी जाये येे तभी सम्भव है जब वादों की प्रभावी पैरवी होगी। उन्होंने कहा कि अपराधिक तत्वों को अधिकाधिक सजा दिलवायें ताकि अन्य लोगो को एक संदेश मिले और वे अपराध करने से डरे। उन्होने कहा कि सभी प्रकार के वादों में गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चत कराई जाये। उन्होने कडे निर्देश दिये कि पाक्सो एक्ट के मुकदमों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए अपराधियों को कडी से कडी सजा दिलवाये। उन्होने निर्देश दिये कि मुकदमें में सरकारी गवाह की गवाही प्रत्येक दशा में कराई जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि कोर्ट में जाने से पहले अधिवक्ता केस डायरी का भली भांति अध्ययन कर ले इससे केस की पैरवी में आसानी होगी। उन्होने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया को और अधिक चुस्त दुरूस्त व व्यवहारिक बनायें ताकि अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कठोर सजा दिलाई जा सके तथा अन्य अपराधिक तत्वों में दहशत बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि गम्भीर वादों के सम्बंध में यदि कोई समस्या आती है तो सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होने कहा कि सम्बंधित थानों से भी सम्पर्क कर वादों के निस्तारण में सहयोग लिया जा सकता है, हर स्थिति में बदमाश व गुण्डा तत्व जेल में नजर आने चाहिये। बैठक में एसपी सिटी सतपाल अंतिल, पुलिस अधीक्षक क्राइम, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, संयुक्त निदेशक अभियोजन, एसपीओ, एपीओ, डीजीसी, एडीजीसी तथा सहित शासकीय अधिवक्ता उपस्थित थे।

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