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ट्रैश मल्चिंग किसानों के लिए होगी वरदान: डीएम...ट्रैश मल्चिंग से खेत का मृदा जीवांश बढेगा और पर्यावरण को भी नहीं होगा नुकसान

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. ने आज अधिकारियों के साथ खतौली ब्लॉक के ग्राम दयालपुरी के प्रगतिशील कृषक एसपी सरन के गन्ने के खेत पर जाकर गन्ना कटाई उपरान्त खाली हुए खेत में गन्ने की पत्तियों एवं ठूंठ (ट्रैश) की मल्चिंग देखी और इससे किसानों व पर्यावरण को होने वाले फायदे के बारे में भी जानकारी ली। किसान एसपी सरन ने जिलाधिकारी को बताया कि गन्ना कटाई उपरान्त गन्ने की सूखी पत्तियों को कुछ किसान खेत में ही जला देते हैं, जिस कारण एक ओर मृदा का जीवांश नष्ट होता है, वहीं दूसरी ओर इससे पर्यावरण को भी क्षति पहुंचती है। उन्होंने बताया कि कटाई उपरान्त गन्ने की सूखी पत्तियों को खेत मे ही आधुनिक कृषि यन्त्रों जैसे मल्चर, रोटावेटर आदि से जुताई कर देते हैं, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। किसान द्वारा जिलाधिकारी को अपने गन्ने के खाली खेत, जिसमें गन्ने की सूखी पत्तियों औेर ठूंठ (ट्रैश) था, में सबसे पहले मल्चर का प्रयोग और उसके बाद रोटावेटर फिर आधुनिक हल कृषि उपकरण का प्रयोग कर खेत की जुताई कर पूरी तैयारी दिखाई।

जिलाधिकारी ने किसान द्वारा कुछ दिन पूर्व गन्ने की पत्तियों का मल्चर कर आलू की फसल उगाने के लिए तैयार किये गये खेत का भी निरीक्षण किया। किसान ने बताया कि यह खेत आलू के फसल के लिए तैयार है। किसान ने बताया कि इस खेत में बिना गन्ने की पत्ती जलाये ही मल्चिंग कर आलू की बुवाई की जानी है। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान गन्ने की सूखी पत्तियों को खेत में ही मल्चर, रोटावेटर व अन्य कृषि उपकरणों के द्वारा दबाएं और गलाएं। इनको जलाने से एक ओर पर्यावरण को नुकसान होता है, वहीं दूसरी ओर मृदा का जीवांश घटता है। इस मौके पर एसडीएम खतौली अजय अम्बष्ट, जिला गन्ना अधिकारी डा. आरडी द्विवेदी काफी संख्या मे प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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