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आश्रम के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद के कारण की थी साध्वी की हत्या

आश्रम के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद के कारण की थी साध्वी की हत्या

मुजफ्फरनगर। आश्रम के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद में साध्वी सुनीता नाथ की हत्या शुक्रताल के एक आश्रम में गला घोंटकर व मारपीट कर की गयी थी और उसका शव नग्न अवस्था में भोकरहेडी के जंगल में फेंक दिया गया था। बताया जा रहा है कि रेत में गाडी धंस जाने के कारण शव को भोकरहेडी के जंगल में फेंका गया था, जबकि हत्यारे साध्वी का शव भोपा की गंगनहर में फेंकने के लिए आ रहे थे। इस मामले में पुलिस ने आज तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है, जबकि दो हत्यारोपी अभी फरार चल रहे है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा व मृतका के कपड़े भी बरामद कर लिये हैं। एसएसपी अभिषेक यादव ने पुलिस लाईन की सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि विगत 21 नवम्बर को जंगल ग्राम भोकरहेडी के खोले में गन्ने के खेत में अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त 42 वर्षीया साध्वी सुनीता नाथ पुत्री रामस्वरूप निवासी ग्राम खामपुर थाना छपार के रुप में हुई थी। सुनीता नाथ की हत्या के सम्बंध् में थाना भोपा पर मृतका के भाई ने मुकदमा दर्ज कराया था। घटनास्थल के पास से एक स्विफ्ट कार संख्या-एचआर10एम- 6263 लावारिस हालत में मिली थी। लावारिस कार की जांच व अभियुक्तों की सुरागरसी से पता चला कि साध्वी सुनीता नाथ की हत्या आश्रम के स्वामित्व को लेकर चल रहे विवाद के कारण की गयी थी। पुलिस ने बाबा बक्सरनाथ उपर्फ अवदेश शर्मा पुत्र राममूर्ति शर्मा गुरूपिता गंगानाथ निवासी ग्राम मारवाड़ खजूरिया थाना भूता जनपद बरेली हाल निवासी गौरखनाथ मंदिर एफ ब्लॉक मंगोलपुरी सरस्वती विहार नई दिल्ली, मंजीत पुत्र आजाद निवासी बिहारगढ़ थाना भोपा हाल निवासी शिवधम कॉलोनी शुक्रताल व उमेश मदन शास्त्री पुत्र लालसिंह निवासी भौराखुर्द थाना भौराकलां को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो साथी मनोज पुत्र बालकिशन शर्मा निवासी गुराना थाना बडौत व महंत शंकरदास निवासी जटाशंकर मंदिर खानपुर हरिद्वार फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि महंत शंकर दास ने साध्वी की हत्या की योजना बनाई, जबकि उमेश मदन उस आश्रम का संचालक है, जिसमें साध्वी की हत्या की गयी। पांचों अभियुक्तों ने साध्वी को 20 नवम्बर को बहाने से शुक्रताल बुला लिया और उमेश मदन शास्त्री के सतगृहस्थ आश्रम में पांचों ने मिलकर उसे दबोच लिया तथा उसके सिर पर बंध्े लाल कपड़े का फंदा बनाकर उसका गला दबा दिया। विरोध करने पर उसकी डंडे से पिटाई भी की गयी। इसके बाद रात्रि लगभग आठ बजे मनोज की कार में उसका शव डालकर गंगनहर में फेंंकने के मकसद से चल दिये, लेकिन उनकी कार भोकरहेडी जंगल के खोले में घसीटू पुत्र मंगलू के खेत में रेत में ध्ंस गयी, जिस कारण उन्होंने शव को वहीं झाडिय़ों में छुपा दिया और मृतका के कपड़े व डंडा भी वहीं डाल दिया। कार रेत में धंस जाने के कारण उन्हें वहां से पैदल ही जाना पड़ा। एसएसपी ने बताया कि मृतका सुनीता नाथ का सिकन्दरपुर आश्रम के स्वामी महंत शंकर दास से सम्पत्ति को लेकर विवाद चल रहा है, जिसका मुकदमा सुनीता नाथ ने सिविल कोर्ट मुजफ्फरनगर में किया था। अभियुक्त मनोज पुत्र बालकिशन का पूर्व में कई वर्षों से सिकन्दरपुर आश्रम व खानपुर आश्रम में महंत शंकरदास के पास आना-जाना था और दोनों में करीबी सम्बंध् थे। मनोज का साध्वी सुनीता नाथ व बाबा बक्सरनाथ के साथ भी सम्पर्क था। यही कारण है कि मनोज ने साजिश के तहत साध्वी को शुक्रताल लाकर बाबा बक्सरनाथ को सौंप दिया और फिर सभी ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। अभियुक्तों से पूछताछ में यह बात भी सामने आयी की, जिस समय साध्वी की हत्या की जा रही थी, उस समय वह सिर पर लाल कपड़ा बांधकर और एक चादर औढकर बिल्कुल नग्न अवस्था में लेटी हुई थी और उसी समय हत्यारोपियों ने उसे दबोच लिया और यही कारण है कि जब उसकी लाश मिली, तो वह पूरी तरह नग्न अवस्था में थी। एसएसपी ने भोपा थाना प्रभारी एमएस गिल व पुलिसटीम की पीठ को थपथपाया और नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।

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