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जर्जर विद्युत लाइन से निकली चिंगारी, किसान की फसल जलकर हुई राख

मोरना। खेत से गुजर रही जर्जर विद्युत लाइन से निकली चिंगारी के कारण गन्ने की फसल में आग लग गयी, जिससे किसान की फसल जलकर स्वाह हो गयी। विद्युत विभाग की लापरवाही से किसान को हुए लाखों के नुकसान को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए पीडि़त किसान को मुआवजा दिलाने की मांग प्रशासन से की है। थाना भोपा क्षेत्र के कस्बा भोकरहेड़ी के मौहल्ला नेहरू चौक निवासी किसान चौ. फोन्दी पुत्र सतपाल सिंह बसेड़ा मार्ग के पास पैतृक भूमि पर खेती करता है। फोन्दी के खेत के मध्य से लो-टेन्शन लाईन होकर गुजर रही है, जो जर्जर हालत में होकर नीचे झूल रही है। हवा के चलने से लाइन में स्पार्क हुआ, जिससे निकली चिंगारियों से गन्ने के खेत मे आग लग गयी। कुछ ही देर में तेज हवा के साथ आग ने भयावह रूप धारण कर लिया। आसपास खेतों में काम कर रहे किसान उधर दौड़े तथा किसी प्रकार कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक आग से गन्ने के दो खेत जलकर खाक हो चुके थे। पीडि़त किसान फोन्दी ने बताया कि जर्जर लाईन को सही करने की शिकायत वह कई बार विद्युत विभाग से कर चुका है। बार-बार शिकायत के बावजूद लाईन ठीक न होने के कारण उसकी दस बीघा गन्ने की जल गयी है, जिससे लाखों का नुकसान हो गया है।

भाकियू नेता चौधरी उदयवीर सहरावत ने विद्युत विभाग के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित पीडि़त किसान को मुआवजा देने की मांग प्रशासन से की है। इस मौके पर देशपाल सिंह, देवेन्द्र सिंह, सुनील कुमार, सहेंद्र कुमार, डॉ. राजेन्द्र, भाजपा नेता डॉ. वीरपाल सहरावत, विशाल उर्फ छुट्टा, योगेन्द्र सिंह, ओमपाल सिंह, जयवीर सिंह आदि उपस्थित रहे। मोरना चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी ने बताया कि मिल से जुड़े किसान की जली हुई फसल को खरीदकर उसका सैम्पल लेकर उसे प्रयोगशाला में भेजा जाता है तथा वहां रिकवरी की जाँच रिपोर्ट जिला गन्ना अधिकारी को प्रेषित की जाती है। इसके उपरान्त जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा उसका मूल्यांकन कर अगले वर्ष जली हुई फसल का भुगतान किये जाने का प्रावधान है।

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