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शत्रु सम्पत्ति में कार्यवाही न होने पर दी सीएम आवास पर धरने की चेतावनी

शत्रु सम्पत्ति में कार्यवाही न होने पर दी सीएम आवास पर धरने की चेतावनी

मुजफ्फरनगर। समाजसेवी सुमित मलिक का कहना था कि 8 मई 2018 को ग्राम यूसुफपुर परगना व तहसील सदर जिला मुजफ्फरनगर के खेवट संख्या 4/1 के संबंध में एक जांच तहसील सदर द्वारा की गयी थी। जिसमें खेवट रूस्तम अली खां की जांच की गयी थी। जिसके संबंध में एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गयी थी। जिस पर गृह मंत्रालय के द्वारा 16 फरवरी 2018 को एक पत्र लिख गया था। उसके पश्चात पुन: एक अगस्त 2019 को एक पत्र लिखा गया। जिसमें कहा गया था कि तत्काल प्रभाव से उपरोक्त सम्पत्ति में हो रहे अवैध विक्रय एव निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाए, जब तक मामले का निस्तारण नहीं हो जाता, परंतु इस पत्रों को कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों से साजिश करके उन लोगों ने गायब करा दिया, जिनका इन जमीनों पर कब्जा है। उनका कहना था कि इस संबंध में समाचार पत्रों में लगातार खबरें प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन आज तक इसके दोषी किसी भी व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज करके प्रशासन की ओर से कार्यवाही नहीं की गयी। गृह मंत्रालय से भेजे गये पत्रों को गायब होने पर कुछ नहीं किया जाना अत्यंत खेद का विषय है। सुमित मलिक ने आगे कहा कि आठ मई 2018 को तहसील सदर द्वारा खेवट रूस्तम अली खां के साथ-साथ अन्य खेवट गैरदाईयान एवं कुंवर जगदीश प्रसाद की भी जांच की गयी और भूअभिलेखों में फोर्ज एंट्री व मैनुपुलेशन के आधार पर गैरदाईयान व कुंवर जगदीश प्रसाद की गलत प्रकार से आलोक स्वरूप व अनिल स्वरूप पुत्रागण कुंवर विनोद कुमार सिंह व इनके परिजनों द्वारा फर्जी नाम दर्ज करा रखे हैं। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी और इस जांच रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सुमित मलिक ने मांग की कि तत्काल प्रभाव से इन तीनों खेवटों क्रमश: रूस्तम अली खां, गैरदाईयान व कुंवर जगदीश प्रसाद के जिन नंबरों मेें कमी पायी गयी है, उनके क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगायी जाए। साथ ही इन भूमियों पर चल रहे निर्माण कार्य पर भी तत्काल रोक लगायी जाए। इसके साथ ही सरकार के द्वारा एक रिसीवर नियुक्त करके किराये की आमदनी को एकत्र करके सरकारी कोष में जमा कराया जाए, जब तक कि इस मामले का निस्तारण नहीं हो जाता। सुमित मलिक ने चेतावनी दी कि यदि अगले 48 घंटों में प्रशासन के द्वारा इस संबंध में कार्यवाही नहीं की जाती है, तो वह पैदल इस घोटाले को उजागर करते हुए लखनउफ तक मार्च करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्राी आवास पर ध्रने पर बैठने को बाध्य भी होंगे।

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