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जल निकासी को लेकर फूटा लोगों को आक्रोश....पुलिस सहित स्थानीय सभासद के साथ हुई जमकर नोंकझोंक, सुनाई खरीखरीे

मुजफ्फरनगर। कापफी समय से बरसात के पानी सहित नालियों का अशुद्ध जल का सामना कर रहे सरवट फाटक निवासियों (दुकानदारों व अन्य) का बुधवार को धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने सरवट फाटक पर एकत्र होकर जाम लगाते हुए जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनमें रोष अधिक इस बात पर नजर आया कि बार-बार कहने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि ने उनकी सुनी न ही नगरपालिका के चेयरमैन, अधिकारियों ने और न ही स्थानीय सभासद ने। नागरिकों ने जाम लगाकर आवागमन पूरी तरह से ठप्प कर दिया। जिसके चलते आसपास जाम की भयंकर स्थिति पैदा हो गयी। जिसके बाद पास में ही पुलिस चौकी होते हुए भी पुलिस काफी विलंबता से पहुंची, जिसने जाम खुलवाने का प्रयास किया, उसे भी विरोध झेलना पड़ा। इसके साथ ही जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी, ईओ तथा स्थानीय सभासद को लोगों के कोप का शिकार होना पड़ा। 15 दिन में जलभराव की समस्या का निदान करने के आश्वासन के बाद लोगों के द्वारा जाम को खोला गया। सरवट फाटक एक ऐसा स्थान है कि जो लगभग 25 प्रतिशत गांव व पूरेे मंडी क्षेत्र को शहर से जोड़ता है। परिक्रमा मार्ग के उपरांत यहीं एकमात्र स्थान है, जहां से शहर को बिना ओवरब्रिज के जाया जाता है। इस स्थान से प्रतिदिन लगभग चार हजार के आसपास छात्रा-छात्राएं अध्ययन के लिए कालेज व स्कूल जाते हैं। यहां की सबसे बड़ी समस्या है जलभराव की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि यहां पर जल निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। नसीरपुर की ओर का पानी रेलवे लाइन के पास से गुजर रहे नाले में जा रहा था। जो कि रेलवे के कर्मचारियों के द्वारा एक दो दिन पहले बंद कर दिया गया था। जिसके कारण वह पानी गांधी कालोनी की ओर जाने लगा, जहां पर पहले से ही नालियों में निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण सारा पानी सड़क पर आ गया। बरसात में यहां पर स्थिति बेहद नाजुक हो जाती है। कई दिनों से यहां पर भारी जलभराव हो जाने के कारण लोगों को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार शिकायत करने के बाद भी जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया। इसको लेकर बुधवार को लोगों का आक्रोश फूट कर सड़क पर आ गया। महिलाओं और पुरुषों ने सरवट रेलवे फाटक पर पहुंचकर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन लोगों का कहना है कि सरवट फाटक के पास से गुजर रहे नाले की सफाई नहीं की जाती है, ऐसे में नाले का पानी सड़क पर बह रहा है। सड़क की हालत भी काफी दयनीय हो चुकी है। लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है। यह मुख्य मार्ग होने के कारण यहां पर यातायात भी ज्यादा है। ऐसे में लोगों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्कूल-कॉलेज जाने के लिए लगभग चार हजार के आसपास छात्र-छात्राओं को जल भराव से गुजरना पड़ रहा है। कई बार तो स्कूली बच्चों से भरी रिक्शा तक पलट चुकी है। लोगों ने नारेबाजी करते हुए सरवट फाटक पर अवरोधक लगाकर यातायात को जाम कर दिया। इससे गांधी कालोनी मुख्य मार्ग पर भी वाहनों की कतार लग गयी। जाम की सूचना मिलने पर डायल 100 की टीम कापफी देर के बाद मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाओं ने पुलिस के साथ नोंकझोंक करते हुए जाम खोलने से इंकार कर दिया। सूचना पर स्थानीय सभासद प्रेमी छाबडा भी मौके पर पहुंचेे। पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरएस राठी व ईओ भी मौके पर आये तथा लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोगों ने पालिका के अफसरों के व्यवहार का भी विरोध किया। इन लोगों ने कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। यहां तक कि स्थानीय सभासद प्रेमी छाबडा के साथ भी नोंकझोंक हुई। जिस पर सभासद ने आपा खो दिया। घंटों तक हंगामा होता रहा। पालिका के कर्मचारियों ने आगे नाले की सफाई करायी, इसके बाद लोगों ने जाम खोला। डा. आरएस राठी ने बताया कि सरवट पफाटक से गुजर रहे नाले से ही नसीरपुर का पानी भी निकलता है। यहां पर रेलवे द्वारा काम कराया जा रहा है। रेलवे ने यहां पर गड्ढा किया था, जिसकी मिट्टी नाले में भर गयी। इससे जल निकासी अवरुद्ध हो गयी थी। उन्होंने कहा कि 15 दिन में नाले की सफाई के साथ ही गांधी कालोनी मुख्य मार्ग का निर्माण कराया जायेगा। लोगों को समझाकर जाम खुलवा दिया गया है।

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