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दो दशक बाद पूर्व विधायक ने तोड़ी चुप्पी...पूर्व विधायक ठाकुर जगत सिंह का आरोप-विजय सिंह का है आतंकी कनेक्शन

दो दशक बाद पूर्व विधायक ने तोड़ी चुप्पी...पूर्व विधायक ठाकुर जगत सिंह का आरोप-विजय सिंह का है आतंकी कनेक्शन

मुजफ्फरनगर। चौसाना की चार हजार बीघे सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के मामले में पूर्व विधायक ठाकुर जगत सिंह ने लगभग दो दशक बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने उनके विरूद्धं कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे मास्टर विजय सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाये। जिसमें उन्होंने मास्टर विजय सिंह से जान का खतरा, आतंकियों व हिस्ट्रीशीटरांे के साथ जुड़े रहने का आरोप, मास्टर के स्थान पर चौकीदार होना आदि लगाये। इसके साथ ही पूर्व विधयक ठाकुर जगत सिंह ने कहा कि वह हर जांज के लिए तैयार हैं, किसी भी अवैध् जमीन पर किये गये कब्जे से इंकार करते हुए कहा कि यदि कोई सि( कर दे कि एक इंच पर भी कब्जा किये हैं, तो वह राजनीति से संन्यास ले लंेगे। ठाकुर जगत सिंह पूर्व विधायक के द्वारा लगाये गये सभी आरोपों को मास्टर विजय सिंह के द्वारा दिये गये तथ्यों के द्वारा सिरे से नकारा गया। इस विषय पर मास्टर विजय सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि जो चित्रा जारी किया गया है, वह दस साल पुराना 2007 का कलेक्ट्रेट परिसर में दिये गये दलितों के धरने का है। जिसमें कुछ लोगों को आतंकी बताया गया है। इन लोगों के संबंध में ठाकुर जगत सिंह ने 2007 में एसएसपी को जांच के लिए प्रार्थनापत्र दिया था, जिस पर एलआईयू के वरिष्ठ उपनिरीक्षक एमएस नागर द्वारा जांच की गयी, जिसमें उक्त लोगों को ठाकुर जगत सिंह का समर्थक होने का उल्लेख किया गया। ठाकुर जगत सिंह के जान के खतरे के आरोप को लेकर मास्टर विजय सिंह का कहना था कि ये जान का खतरा बताकर गनर/शैडो लेकर नेतागिरी करते हैं, जिसका उल्लेख एलआईयू की रिपोर्ट में है। जिन लोगों के पाल्ला आदि लोगों के संबंध मास्टर विजय सिंह से बताये गये हैं। उनका (आतंकियों) एलआईयू रिपोर्ट में ठाकुर जगत सिंह से संबंध बताया गया है। रिपोर्ट में ठाकुर जगत सिंह द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे का भी उल्लेख है तथा 300 बीघे जमीन कब्जा मुक्त होने का भी उल्लेख है। चौकीदार होने के आरोप पर मास्टर विजय सिंह ने जवाब देते हुए बताया कि 1983 से 1994 तक जयभारत किसान हाईस्कूल, चौसाना में अध्यापक रहे हैं। उनकी योग्यता बीए, बीएड है। मास्टर विजय सिंह का कहना था कि उन पर लगाये गये सभी उपरोक्त बेबुनियाद हैं, ठाकुर जगत सिंह ने इस मामले को लेकर प्रेस को गुमराह किया है।

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