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मुजफ्फरनगर: योग व अध्यात्म भारतीय संस्कृति का मूल- डॉ अश्वनी कुमार



मुजफ्फरनगर । देश के लोकप्रिय योग गुरू व स्किल भारत के जिला योग समन्वयक डॉ अश्वनी कुमार ने कहा कि योग व अध्यात्म भारतीय संस्कृति का मूल है। जो मानव जीवन में सर्वोच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुगम मार्ग प्रस्तुत करता है। सम्पूर्ण आरोग्य के लिए योग व शुद्ध सात्विक भोजन अत्यन्त आवश्यक हैं इसके लिए सभी युवाओं को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। मई में होने वाले विश्व योग महोत्सव की जानकारी दी गई जो दिल्ली के प्रगति मैदान में पूर्ण होगा इसका प्रथम पुरस्कार 1लाख 1 हजार रुपये होगा।

डॉ अश्वनी कुमार ने इसी कार्य को अग्रसर बढ़ाते हुए जिला मुजफ्फरनगर के तितावी व जिला शामली के गावँ हसनपुर लुहारी में योग ध्यान व सुदर्शन क्रिया का गूढ अभ्यास कराया गया तत्पश्चात ग्रामीण क्षेत्र के 50 युवक व युवतियों को भारत सरकार के पीएम के वी वाई व स्किल भारत द्वारा ब्यूटी व वेल्नस सैक्टर द्वारा पूर्व कौशल को मान्यता आर पी एल की ऑन लाईन परीक्षा आयोजित की गई जिसका ऑनलाइन संचालन एन एस डी सी दिल्ली के माध्यम से किया गया। मुजफ्फरनगर जिले के स्किल भारत के जिला योग समन्वयक ड़ा अश्वनी कुमार ने योग समारोह मे बताया कि परीक्षा में उत्तीर्ण सभी प्रतिभागियों को भारत सरकार की ओर से योग इन्स्ट्रकटर लेवल.चार के प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि योग प्रमाण पत्र के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवक व युवतियां कुशल योग शिक्षक बन भारत ही नहीं अपितु विदेश में जाकर अपने भविष्य को नये पंख दे सकते हैं ओर अपना प्रमाणित योग केन्द्र खोल सकते हैं। उन्होने बताया कि आज देष व विदेषो मे श्री श्री रवि शंकर जी व उनके लाखो शिष्य आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से इस कार्य को जन जन तक सम्पूर्ण जगत मे फैला रहे हैं। कोई भी कुशल योग शिक्षक बन योग को रोजगार बना सकता है। योग शिक्षक बनने के समारोह व अभ्यास प्रषिक्षण के इस सम्पूर्ण कार्यक्रम को वास्तविकता प्रदान करने में युवा आचार्य गुरमीत सिंह व योग ट्रैनर आशीष कुमार का अति सहयोग है।

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