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विधायक की टिप्पणी पर हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा... विक्रम सैनी के खिलाफ कोतवाली में ब्राह्मण समाज ने दिया धरना, सपा-कांग्रेस व रालोद नेता भी पहुंचे

खतौली। हंगामे के रोमांच व विधायक विक्रम सैनी पर कथित रूप से पिस्टल तानने के आरोपी युवक की रहस्यमयी रिहाई के बाद ब्राह्मण समाज के थाने से धरना समाप्त कर वापस लौटने से प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। बिरादरी को देखकर किसी के रस्से से नीचे उतरने की कहावत के अनुरूप आला अधिकारियों द्वारा पूर्व में कोतवाली में तैनात रहे पुरकाजी प्रभारी निरीक्षक हरशरण शर्मा को बुलाकर ब्राह्मण समाज के धरने को खत्म कराना नागरिकों में चर्चा का विषय बना रहा। शनिवार रात को कस्बे के एक बैंकट हॉल में बुआडा कला निवासी सतपाल सैनी की पुत्री का विवाह समारोह था। शादी समारोह में भाग लेने आये विधायक विक्रम सैनी की बुआडा कला निवासी हरस्वरूप शर्मा से कहासुनी हो गयी थी। आरोप है कि हरस्वरूप शर्मा ने विधायक विक्रम सैनी के साथ अभद्र व्यवहार कर इन पर अपनी पिस्टल तानने के अलावा बीच बचाव को आये विधायक पुत्र प्रभात सैनी व गनर प्रेमपाल सैनी के साथ मारपीट कर दी थी। विधायक विक्रम सैनी पर जानलेवा हमले की सूचना से हरकत में आयी कोतवाली पुलिस ने आनन फानन बैंकट हॉल पहुँचकर आरोपी युवक को हिरासत में लेने के अलावा इसकी लाइसेंसी पिस्टल जब्त कर ली थी। इसके बाद आरोपी युवक के समर्थन में थाने पहुँचे ब्राह्मण समाज के कुछ गणमान्य लोगों व विधायक विक्रम सैनी के बीच कोतवाली में हाईप्रोफाईल ड्रामा चला था। दोनों पक्षों के बीच माँ बहन की गलियों की बौछार होने से मौके पर मौजूद कानून के रखवाले असहाय बनकर केवल तमाशाबीन बने रहे थे। बात बढने पर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर विधायक विक्रम सैनी को थाने से बाहर निकालकर घर को चलता किया था। विधायक विक्रम सैनी की तहरीर पर देर रात को पुलिस ने धारा 323, 504, 506, 507, 353, 332 व 7 क्रिमिनल एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को मंसूरपुर थाने में शिफ्ट कर दिया था। आरोपी युवक हरस्वरूप शर्मा ने विधायक व इनके समर्थकों पर गाली-गलौज करके मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने तथा ब्राह्मण समाज ने विधायक पर जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगा तहरीर दी थी, जिन्हें पुलिस ने जाँच के ठंडे बस्ते में डाल दी थी। रविवार प्रात: बुआडा रोड़ पर ब्राह्मण समाज की बैठक हुई। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के महामंत्री मुकेश शर्मा ने विधायक द्वारा पूरे समाज को अपमानित किये जाने की निन्दा की। कहा विधायक विक्रम सैनी द्वारा बार-बार जनप्रतिनिधि की गरिमा को तार-तार करके जनता का अपमान किया जा रहा हैं। तत्पश्चात विधायक विक्रम सैनी के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए थाने पहुँचे ब्राह्मण समाज के लोग दरी बिछाकर धरने पर बैठ गये। सीओ आशीष प्रताप सिंह व कोतवाल सन्तोष कुमार त्यागी के समझाने बुझाने का कोई असर नहीं हुआ। इस दौरान रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी व कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेन्द्र त्यागी ने धरने में पहुँचकर विधायक विक्रम सैनी के व्यवहार की निन्दा की। इस बीच उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा द्वारा सीओ आशीष प्रताप सिंह को मोबाइल फोन पर निष्पक्ष कार्यवाही किये जाने का आदेश देने की चर्चाओं व ब्राह्मण समाज के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के कवाल जाकर विधायक विक्रम सैनी से बन्द कमरे में वार्ता करने के बाद कोतवाल सन्तोष कुमार त्यागी ने आरोपी युवक को चालान कर जेल भेजने के बजाये थाने से छोड़े जाने की घोषणा कर दी। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी युवक को पुलिस द्वारा थाने से छोड़ा जाना भारी सस्पेंस भरा रहा। कुछ का अनुमान है कि पुलिस द्वारा आरोपी युवक को जमानत पर छोड़ा गया है। जबकि कुछ का कहना है कि मुकदमा स्पंज करके आरोपी को रिहा किया गया है। इस सम्बन्ध में पूछे गये सवाल को सीओ व कोतवाल हंसकर टाल गये। धरना प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के महामंत्री मुकेश शर्मा, मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ सपा नेता राकेश शर्मा, बोधराम शर्मा, राजेन्द्र कौशिक, ब्रजभूषण शर्मा, पण्डित विकास भारद्वाज, कांग्रेस के नेता पण्डित सुबोध शर्मा, शशिकांत शर्मा एडवोकेट, अखिलेशदत्त शर्मा, सुनील भारद्वाज, नीरज शर्मा, अनुज शर्मा, बंटी शर्मा, मुकेश गौतम, दीपचन्द शर्मा, जयभगवान कौशिक, अनुपम गोड, प्रदीप शर्मा, कुलदीप शर्मा, अवधेश गोड, भरतेश शर्मा के अलावा कांग्रेसी इजहार अहमद, प्रहलाद राणा, जमील अन्सारी, नासिर सिद्दीकी आदि शामिल रहे। प्रकरण का पटाक्षेप होने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।

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