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नर सेवा ही नारायण सेवा है: भीम सेन कंसल..-अपना घर आश्रम शुक्रताल का प्रथम स्थापना दिवस मनाया गया

नर सेवा ही नारायण सेवा है: भीम सेन कंसल..-अपना घर आश्रम शुक्रताल का प्रथम स्थापना दिवस मनाया गया

मुजफ्फरनगर। पीडि़त मानव सेवा में कार्यरत संस्था अपना घर आश्रम शुक्रताल द्वारा 17 सितंबर 2019 दिन मंगलवार को अपना पहला स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। समारोह में संस्था द्वारा मानव सेवा में किए गए कार्यों को विस्तार से बताया गया। संस्था के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिक्का द्वारा प्रथम वर्ष में संस्था द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों को गिनाया गया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि यह संस्था अब तक 178 लावारिस, मानसिक विक्षिप्त, विकलांग व्यक्तियों को सहारा दे चुकी है। वर्तमान में 98 प्रभु स्वरूप व्यक्ति जिन्हें प्रभुजी कहकर पुकारा जाता है, अपना घर आश्रम शुक्रताल में सेवाएं ले रहे हैं। संस्था द्वारा बीते वर्ष में 19 व्यक्तियों को उनके घर पुनर्वासित किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी भीम सेन कंसल ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है।

लोगों को इनकी सेवा करने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने सभी से इसमें सहभागी बनने का अनुरोध किया है। कार्यक्रम में अपना घर आश्रम शुक्रताल के संस्थापक विनोद गोयल, अपना घर आश्रम भरतपुर की संस्थापिका श्रीमती डा. माधुरी भारद्वाज, अपना घर आश्रम संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनपीपी सिंह, अपना घर आश्रम शामली के संस्थापक राजेश्वर बंसली, पूर्व आईजी एवं संरक्षक वीके गर्ग, जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर शरद शुक्ला कार्यकारिणी के संरक्षक सदस्य अरुण, गोपाल सिंघल, नितिन गुप्ता, भीमसेन कंसल, सतीश गोयल, अरविंद संगल, श्रीमती नीता बंसल, नानूराम जिंदल, पुनीत जैन, उपाध्यक्ष अमित गर्ग, सचिव नितिन गोयल, कोषाध्यक्ष अतुल बंसल, उपसचिव मुकेश मित्तल, सौरभ नरूला, अनिल बंसल, उप वित्त सचिव नरेश कुमार जैन आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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