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Read latest updates about "धर्म-दर्शन" - Page 2

  • मकर लग्न 2020

    गोचर इस वर्ष शनि 24 जनवरी को मकर राशि में प्रथम भाव में प्रवेश रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में राहु मिथुन में षष्ठ भाव में होंगे और 19 सितम्बर के बाद वृष राशि में पंचम भाव में प्रवेश करेंगे। 30 मार्च को गुरु मकर राशि में प्रथम भाव में प्रवेश करेंगे एवं वक्री होकर 30 जून को धनु राशि में दवादश भाव में...

  • ज्योतिष: किस राशि के पुरूष कैसी महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं

    मुहब्बत का आलम हो और हुस्न का नूर तो प्यार की शोखियां परवान क्यों न चढ़ेगी? वैसे भी इश्क की हसरत ही होती है कि वो हुस्न की हर अदा पर मर मिटे और हुस्न की ख्वाहिश होती है इश्क को अपने कदमों पर झुका लेने की। कुछ ऐसा ही होता है दोनों के प्यार का अंदाज पर यह भी सच है कि कोई भी पुरूष किसी भी स्त्री की...

  • पर्यटन/तीर्थस्थल: ऐतिहासिक है पोकरण का 'दमदमा साहिब गुरूद्वारा'

    राजस्थान की धरती का सौभाग्य ही रहा है कि गुरूनानक देव जी से लेकर अंतिम पातशाही के गुरू गोविंद सिंह तक राजस्थान की यात्रा पर आए थे। ऐसा माना जाता है कि गुरू नानक देव ईरान-इराक की यात्रा करते हुए पश्चिम राजस्थान में पहुंचे थे। वे बीकानेर से कोलायत, रामदेवरा, पोकरण, जैसलमेर तथा जोधपुर मकराना व सांभर...

  • तुला लग्न 2020

    गोचर इस वर्ष शनि 24 जनवरी को मकर राशि में चतुर्थ भाव में प्रवेश रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में राहु मिथुन में नवम भाव में होंगे और 19 सितम्बर के बाद वृष राशि में अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। 30 मार्च को गुरु मकर राशि में चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे एवं वक्री होकर 30 जून को धनु राशि में तृतीय भाव में...

  • कुम्भ लग्न 2020

    गोचर इस वर्ष शनि 24 जनवरी को मकर राशि में द्वादश भाव में प्रवेश रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में राहु मिथुन में पंचम भाव में होंगे और 19 सितम्बर के बाद वृष राशि में चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे। 30 मार्च को गुरु मकर राशि में द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे एवं वक्री होकर 30 जून को घनु राशि में एकादश भाव...

  • कन्या लग्न 2020

    गोचर इस वर्ष शनि 24 जनवरी को मकर राशि में पंचम भाव में प्रवेश रहेंगे। वर्ष के प्रारम्भ में राहु मिथुन में दशम भाव में होंगे और 19 सितम्बर के बाद वृष राशि में नवम भाव में प्रवेश करेंगे। 30 मार्च को गुरु मकर राशि में पंचम भाव में प्रवेश करेंगे एवं वक्री होकर 30 जून को धनु राशि में चतुर्थ भाव में गोचर...

  • आज मनाई जायेगी मकर संक्रांति, जानिए स्नान का सबसे शुभ मुहूर्त और विधि

    इस साल मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। जब जब सूर्य अपनी राशि बदलता है तब तब संक्रांति पर्व मनाया जाता है। लेकिन सूर्य के मकर राशि में गोचर करने का दिन सबसे खास माना गया है। इस दिन लोग पूजा पाठ और स्नान दान करते हैं। इस दिन से सूर्य भगवान उत्तरायण हो जाते हैं। पुराणों अनुसार इस दिन...

  • धन संपन्नता लाने के लिये इन 7 में से कर लें ये एक उपाय..

    इस संसार में हर व्यक्ति अपनी सुख-सुविधाओं को पूरा करने के लिये कड़ी मेहनत करता है और पैसा कमाता है। लेकिन इतनी मेहनत करने के बाद भी व्यक्ति के पास दरिद्रता और दुर्भाग्य आ जाता है। वहीं व्यक्ति अपना दुर्भाग्य और दरिद्रता दूर करने के कई प्रयास करता है और धन कमाने का भी अथक प्रयास करता है। कुछ...

  • नाम की महिमा

    एक बहुत उच्च कोटि के भगवत प्रेमी नामनिष्ठ महात्मा थे। उनके साथ उनका एक शिष्य रहता था। एक दिन की बात है कि वे महात्मा कहीं बाहर गये हुए थे। उसी समय उनकी कुटिया पर एक व्यक्ति आया और उसने पूछा-महात्मा जी कहां हैं? शिष्य ने कहा-गुरू जी तो किसी कार्यवश बाहर गये हैं। आपको कोई काम हो तो कहिये। आगतुंक ने...

  • अध्यात्म: कर्मण्येवाधिकारस्ते

    हम सब गीता को पवित्र मानकर इसका पाठ करते हैं व इसकी पूजा करते हैं। न्यायालयों में हम गीता पर हाथ रखकर ही सच और केवल सच बोलने की क़सम खाते हैं। गीता के महत्त्व का इससे बड़ा प्रमाण क्या होगा? श्रीमदभगवतगीता एक धार्मिक, आध्यात्मिक ही नहीं एक जीवनोपयोगी मनोवैज्ञानिक ग्रंथ भी है लेकिन इस सब के बावजूद...

  • धर्म/संस्कृति: भगवान को भोग क्यों लगाते हैं?

    भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा है भोजन से पहले भगवान को भोग लगाने की। भोग लगाने के भाव में जाएं तो यह कहा जा सकता है कि यह एक प्रकार से ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं जो तुम्हारे पास है, उसे तुम भक्तिपूर्वक समर्पित करो। मैं तुम्हारे द्वारा समर्पित वस्तु को...

  • ग्रहों के यंत्र

    अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को कम करने के लिए ग्रहों के यंत्र, स्थापित कर उनकी विधिवत्पू जा की जाती है। यंत्र का निर्माण विधि-विधान से भोजपत्र अथवा धातु के पŸार यंत्र पर करके उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है तथा इसके उपरांत यंत्र की नियमित पूजा की जाती है। यंत्र भी ग्रहों के दोषशमन का एक सशक्त माध्यम...

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