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धर्म-दर्शन

  • अनमोल वचन

    प्रभु की कृति यह दुनिया बडी मनोरम और सुन्दर है। इसमें ऐसा कुछ नहीं जो हमें डराने वाला हो। हम डरते हैं तो अपनी नकारात्मक मनोस्थिति के कारण, क्योंकि भय तो हमारे विचारों में हैं। किसी के लिए ऊंचे पहाड रोमांच का एक साधन है, तो दूसरे को पहाड की ऊंचाई मृत्यु का भय दिखाती है। पहाड तो अपनी जगह खडे हैं,...

  • लाॅकडाउन के मद्देनजर मथुरा के प्रमुख मंदिर श्रद्धालुओं के लिए तीन दिन बन्द रहेंगे

    मथुरा 10 जुलाई- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीन दिन के लिए प्रदेशव्यापी लाॅकडाउन की घोषणा के मद्देनजर मथुरा के प्रमुख मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बन्द रहेंगे।द्वारकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि गोस्वामी ब्रजेश कुमार महराज के आदेश से तीन दिन तक मंदिर के मुखिया अन्दर ही...

  • अनमोल वचन

    ज्ञान प्राप्त करने के लिए न उपदेश की जरूरत होती है और न ही ग्रंथों के अध्ययन की। अणु और परमाणु को जान लेना भी ज्ञान नहीं है। ज्ञान ऐसा होना चाहिए जो ग्रहण करने के बाद हमारे कर्म और व्यवहार में उतर सके। जो ज्ञान हमारे कर्म और व्यवहार में न दिखे वैसा ज्ञान स्वयं तक के लिए लाभकारी नहीं होता। ऐसा ज्ञान...

  • शिव पुराण के अनुसार जो भी भक्त सावन महीने में व्रत रखता है, उसकी इच्छाएं होती हैं पूर्ण

    सावन मास और भगवान शिव की आराधना की महोत्सव की शुरुआत सोमवार यानी 6 जुलाई से हो चुकी है तो वहीं इस सावन मास का अंत भी सावन के सोमवार (3 अगस्त) को हो रहा है। सोमवार भगवान शिव का सबसे प्रिय दिनों में दिन माना जाता है,जबकि भगवान शिव को सावन का महीना सबसे प्रिय होता है। इन महीनों में भोले भंडारी...

  • मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में नहीं होगा सावन झूला, आज से है सावन शुरू

    मधुरा, कोरोना वायरस के कारण सावन की अदभुत छटा के साथ मशहूर भारत विख्यात द्वारकाधीश मंदिर में श्रद्धालु इस बार सावन में सोने चांदी के विशालकाय झूले में ठाकुर के झूलन का मनोहारी दृश्य नहीं देख सकेंगे।सावन आज सोमवार से शुरू हो रहा है। जिस प्रकार ब्रज और सावन एक दूसरे के पर्याय हैं, और ब्रज के...

  • आज से श्रावण मास हुआ शुरू,अबकी सावन है खास, भोले पूरी करेंगे अरदास

    जालौन - देवाधिदेव महादेव के प्रिय मास श्रावण मास में वर्षों बाद अदभुत संयाेग है जब श्रद्धालुओं को पांच सोमवार भोले की भक्ति आराधना और साधना का अवसर मिलेगा।गांधी महाविद्यालय मे संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष शिवसम्पत द्विवेदी ने यूनीवार्ता से कहा कि इस बार के पांच सोमवार इसलिये भी महत्वपूर्ण है...

  • अनमोल वचन

    गुरूनानक कहते हैं नानक दुखिया सब संसार, इस संसार में दुखों की कोई कमी नहीं, जिधर भी दृष्टि डालो, दुखिया ही नजर आते हैं। जब दुख के कारणों पर विचार करते हैं तो अजीब सी स्थिति सामने आती हैं। कोई परिवार बडा होने पर दुखी है, तो कोई परिवार न होने पर दुखी है। कई बार हम अपने दुखों का कारण दूसरों को मानते...

  • अनमोल वचन

    संसार का मायाजाल मकडी के जाल की भांति है, जो जीव उसमें एक बार फंस जाता है वह निकल नहीं पाता। यही दुख का कारण है और दुख का केन्द्र भी। पूरे विश्व की स्थिति का आकलन करें तो पायेंगे कि लोग बहुत दुखी हैं। सबके सामने समस्याएं हैं। समाज में गरीबी, अपराध, हिंसा, लूट, अपहरण, तनाव आदि की घटनाएं बढती जा रही...

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