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बाल जगत

  • शिशु को नहलाना भी एक कला है..

    नन्हा शिशु बहुत कोमल होता है। जरा सी लापरवाही उसके लिए नुकसानदेह हो सकती है। इस कला में निपुण होने के लिए निम्न बातों पर ध्यान देना जरूरी है।- बच्चे को नहलाते समय आपकी यही कोशिश होनी चाहिए कि वह पानी से डरने की बजाय स्नान में आनंद व प्रसन्नता का अनुभव करे। बच्चे को टब में बैठाकर नहलायें। पानी से ...

  • बाल कथा: कबूतर ने कहा

    रामू शहर की नौकरी छोड़ कर गांव लौट आया था। गांव में अच्छी-खासी खेती-बाड़ी थी। गांव में लोग उसे अच्छे शिकारी के रूप में जानते थे। गांव से कुछ ही दूरी पर एक घना जंगल था। वह अक्सर वहां शिकार खेलने जाता था। एक दिन जब वह शिकार खेलने गया तो शाम हो गई पर कोई शिकार हाथ न लगा। वह बुरी तरह थक चुका था। तभी...

  • बाल कथा: अच्छे बच्चे कैसे हों

    बच्चे चंचल होते हैं, नटखट होते हैं और अक्सर आप अपने बच्चे की शैतानियों से परेशान हो जाती होंगी और किसी अनुशासित बच्चे को देखकर आपके मन में भी ख्याल आता होगा कि काश मेरा बच्चा भी अच्छा बच्चा कहलाये। मेरा बच्चा भी अनुशासित हो। आपका कहना माने। हर जगह उसकी तारीफें हों। बच्चों की चंचलता पर अंकुश नहीं...

  • बाल कथा: बंटी और बिच्छू

    'बेटा, टिफिन ले कर स्कूल जाओ। मैंने तैयार कर दिया है।' मम्मी ने आवाज दी मगर बंटी टिफिन ले जाने को तैयार नहीं था। उसने मम्मी से दस रूपए मांगे मगर जब मम्मी ने देने से मना कर दिया तो स्कूल न जाने की जिद्द करने लगा। मम्मी ने हार कर बंटी को दस रूपए दिए जिसे ले कर वह स्कूल चला गया। दोपहर में खाने की...

  • बढ़ते बच्चे जब जाना चाहें बाहर

    घर से बाहर घूमना सभी को अच्छा लगता है चाहे छोटा बच्चा हो या बड़ी आयु का। छोटे बच्चों को बाहर की दुनिया रंगीली और शोर गुल वाली लगती है। अन्दर घर पर उन्हें बंधा-बंधा सा लगता है। बड़ों को तो बहुत बार मजबूरी वश घर से बाहर रहना पड़ता है पर उन्हें यह चिंता नहीं होती कि परिवार से अनुमति लेकर ही बाहर जाना ...

  • बाल कथा: उल्लू गाथा

    हमारे देश में उल्लू को लक्ष्मी वाहन कहा जाता है और प्राय: उल्लू को मूर्ख भी कहते हैं। क्या कारण है लक्ष्मी वाहन को मूर्ख की उपाधि दे दी गई है। सूर्य के प्रकाश में उल्लू को कुछ नजर नहीं आता, वह प्रकाश सहन नहीं कर सकता। इससे स्पष्ट है कि जो लोग धन के पद में उन्मत हो जाते हैं उनमें ज्ञान, बुद्धि की कमी ...

  • बाल कथा: कंजूस का नारियल

    श्रीमान् कंजूस-मक्खीचूस को एक नारियल खरीदना था। दुकानदार ने कीमत बताई दो रूपये। बोले-बहुत महंगा है। अगली दुकान पर तो डेढ़ रूपये में मिलता है। दुकानदार बोला-वहीं से ले लो। दूसरे दुकानदार ने कहा-मैं तो डेढ़ रूपये से कम नहीं लूंगा। सस्ता चाहिये तो अगली दुकान पर जाओ। वह तीसरी दुकान पर पहुंचा। उसने...

  • बाल जगत/जानकारी: हमारे अद्भुत प्राचीन अस्त्र-शस्त्र

    आज एक से बढ़कर एक तीव्र मारक अस्त्र-शस्त्र मौजूद हैं। अमेरिका विश्व का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है। सबसे अधिक मारक क्षमता वाले हथियार बनाने में अमेरिका अग्रणी है। उसके ग्राहकों में भारत, पाकिस्तान सहित लगभग पूरा एशिया है। दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अमेरिका के बनाए हथियार पसंद किये जाते हैं।...

  • बाल कथा: अंतिम परीक्षा

    नगर के बाहर जंगल में गुरूदेव का आश्रम था। अनेक छात्र वहां रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे। छात्रों की शिक्षा का आखिरी दिन था। शिक्षा पूरी करके सभी छात्र खुशी खुशी अपने घरों को लौटने के उत्सुक थे। सभी ने अपने वस्त्र और अन्य सामान पोटली में बांधकर रख छोड़ा था। बस गुरूदेव की आज्ञा की प्रतीक्षा थी। दिन...

  • व्यर्थ वस्तुओं के अनेक उपयोग

    क्या आप जानते हैं कि जो वस्तुएं आप व्यर्थ समझ कर फेंक देते हैं, उनका भी कितना प्रयोग हो सकता है? इसलिए रूकिए, कुछ जानकारी हम आपको देते हैं जिससे आप इनका सही इस्तेमाल कर सकते हैं। जब आप नींबू पानी बनाते हैं या सब्जी तथा सलाद में नींबू निचोड़ कर डालते हैं तो आप यकीनन इसका छिलका फेंक देते हैं। ऐसा न...

  • बाल कथा: सच्चा तलवारबाज

    समीर नाम का एक छोटा लड़का था। उसे तरह-तरह की युद्ध कलाएं सीखने का बहुत शौक था। उसने एक योद्धा का बहुत नाम सुना था। लोग कहते थे कि उनके जैसा तलवार चलाने वाला आज तक नहीं हुआ। समीर के मन में इच्छा हुई कि उनके पास जाकर तलवार चलाने की शिक्षा ली जाए। वह उस शहर की ओर चल पड़ा जहां वे रहते थे। समीर ने...

  • बाल जगत: विभिन्न व्हेल मछलियां

    व्हेल मछलियां वर्ग मैमेलिया, उपवर्ग थीरिया, निम्नवर्ग यूथीरिया के आर्डर सिटेसिया के अंतर्गत आती है। व्हेल मछली समुद्र की सबसे बड़ी मछली है। ये रूपांतरित स्तनी हैं। इनके शरीर में विशेष अंग पाये जाते हैं। स्तनीय प्राणी के बहुत से लक्षण इनमें पाये जाते हैं जैसे-अत: तापी व्यवस्था, फेफड़ों द्वारा हवा से...

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