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बाल जगत

  • चुहिया का स्वयंवर

    गंगा नदी के किनारे एक तपस्वियों का आश्रम था । वहाँ याज्ञवल्क्य नाम के मुनि रहते थे । मुनिवर एक नदी के किनारे जल लेकर आचमन कर रहे थे कि पानी से भरी हथेली में ऊपर से एक चुहिया गिर गई । उस चुहिया को आकाश मेम बाज लिये जा रहा था । उसके पंजे से छूटकर वह नीचे गिर गई । मुनि ने उसे पीपल के पत्ते पर रखा और...

  • हाथी और चतुर खरगोश

    एक वन में 'चतुर्दन्त' नाम का महाकाय हाथी रहता था । वह अपने हाथीदल का मुखिया था । बरसों तक सूखा पड़ने के कारण वहा के सब झील, तलैया, ताल सूख गये, और वृक्ष मुरझा गए । सब हाथियों ने मिलकर अपने गजराज चतुर्दन्त को कहा कि हमारे बच्चे भूख-प्यास से मर गए, जो शेष हैं मरने वाले हैं । इसलिये जल्दी ही किसी बड़े...

  • मूर्खमंडली

    एक पर्वतीय प्रदेश के महाकाय वृक्ष पर सिन्धुक नाम का एक पक्षी रहता था । उसकी विष्ठा में स्वर्ण-कण होते थे । एक दिन एक व्याध उधर से गुजर रहा था । व्याध को उसकी विष्ठा के स्वर्णमयी होने का ज्ञान नहीं था । इससे सम्भव था कि व्याध उसकी उपेक्षा करके आगे निकल जाता । किन्तु मूर्ख सिन्धुक पक्षी ने वृक्ष के...

  • प्रेम का मूल्य

    बृहस्पति छोटे देवतओं का गुरु था। उसने अपने बेटे कच को संसार में भेजा कि शंकराचार्य से अमर-जीवन का रहस्य मालूम करे। कच शिक्षा प्राप्त करके स्वर्ग-लोक को जाने के लिए तैयार था। उस समय वह अपने गुरु की पुत्री देवयानी से विदा लेने के लिए आया।कच- 'देवयानी, मैं विदा लेने के लिए आया हूं। तुम्हारे पिता के...

  • जानिए हिंदू रीति से कैसे करें अपने बच्‍चे का नामकरण

    25 जुलाई। हिंदु रीति में नामकरण का एक विशेष महत्व होता है। हर किसी के जन्म के बाद उसके नाम पर सबकी नजरें होती है कि बच्चे का नाम क्या रखा जाएगा। अगर आप नामकरण के अर्थ को समझें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है नाम और करण। आप सभी नाम का अर्थ तो जानते ही है संस्कृत में करण का अर्थ होता है बनाना या सृजन...

  • कहानी : जल की मिठास

    एक शिष्य अपने गुरु से सप्ताह भर की छुट्टी लेकर अपने गांव जा रहा था। तब गांव पैदल ही जाना पड़ता था। जाते समय रास्ते में उसे एक कुआं दिखाई दिया।शिष्य प्यासा था, इसलिए उसने कुएं से पानी निकाला और अपना गला तर किया। शिष्य को अद्भुत तृप्ति मिली, क्योंकि कुएं का जल बेहद मीठा और ठंडा था। शिष्य ने सोचा -...

  • ट्विंकल खन्ना ने बच्‍चों की हेेल्‍दी डाइट के लिए दिए कुछ टिप्‍स

    17 जुलाई। मानसून का सीजन दस्तक दे चुका है। इस मौसम में ना सिर्फ बड़ों बल्कि बच्चों की भी डाइट बदलने की जरूरत होती है क्योंकि इस मौसम में बीमारियों का खतरा अधिक होता है। वहीं हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक फोटो शेयर की है, जिसमें वो बच्चों के लिए हैल्दी...

  • बाल गीत : दो दिन का मेला

    अभी डाल में फूल खिला है,इतराता है फूला फूला। उसे पता है कुछ घंटों में, बिखर जाएगा यह घरघूला। पल दो पल के इस जीवन में, फिर क्यों जिएं उदासी ओढ़े। क्यों न फर्राकर दौड़ाएं, मस्ती के, खुशियों के घोड़े। कलियों पत्तों और हवा के, अभी सामने तथ्य कबूला। झूम-झूम कर लगा झूलने, फिर-फिर वह...

  • कहानी : अपनी तुलना दूसरों से न करें

    एक बार की बात है, किसी जंगल में एक कौवा रहता था, वो बहुत ही खुश था, क्योंकि उसकी ज्यादा इच्छाएं नहीं थीं। वह अपनी जिंदगी से संतुष्ट था, लेकिन एक बार उसने जंगल में किसी हंस को देख लिया और उसे देखते ही सोचने लगा कि ये प्राणी कितना सुन्दर है, ऐसा प्राणी तो मैंने पहले कभी नहीं देखा! इतना साफ और सफेद। यह ...

  • प्रबुद्ध सम्राट वीर शिवाजी

    शिवाजी महाराज के पिता का नाम शाहजी था। वह अक्सर युद्ध लड़ने के लिए घर से दूर रहते थे। इसलिए उन्हें शिवाजी के निडर और पराक्रमी होने का अधिक ज्ञान नहीं था। किसी अवसर पर वे शिवाजी को बीजापुर के सुलतान के दरबार में ले गए। शाहजी ने तीन बार झुक कर सुलतान को सलाम किया और शिवाजी से भी ऐसा ही करने को कहा। ...

  • बाल कहानी : टीना ने चोरी पकड़वाई

    जैसे ही टीना ने आवाज सुनी, वह बस्ता जस का तस छोड़कर बाहर की तरफ भागी।अम्मा चिल्लाईं, 'अरे कहां भाग रही है, पढ़ाई तो पूरी कर ले?' परंतु टीना को तो भागना ही था दरीवाले की आवाज पर। 'पता नहीं क्या हो गया है इस टीना को? दरीवाले की आवाज आती है तो सब काम छोड़कर भाग जाती है।' अम्मा मन ही मन बुदबुदातीं।...

  • बाल कविता : राह तक रही होगी अम्मा

    पूरब के पर्वत से झांका,लाल-लाल सूरज का गोला। मैं बिस्तर से उठ बैठा हूं, सुबह हो गई, मुन्ना बोला। मैं भी उठकर बैठ गई हूं, मुनियां चिल्लाई भीतर से। मुन्ना भैया, चलो घूमने, जल्दी निकलो बाहर घर से। बाहर ठंडी हवा मिलेगी, फूल मिलेंगे मुस्काते से। डाल-डाल पर पंछी होंगे, चहंग-चहंग गाना गाते...

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