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फिर से जेल जा सकते हैं संजय दत्त..!

फिर से जेल जा सकते हैं संजय दत्त..!

मुंबई। संजय दत्त की समय से पूर्व रिहाई के मामले में आज बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में महाराष्ट्र सराकार ने दलील देते हुए कहा है कि "अगर संजय दत्त को पैरोल या फर्लो देने में किसी भी प्रकार के नियम तोड़े गए हैं तो सरकार को संजय दत्त को जेल भेजने में कोई एतराज नहीं है।"

वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि सरकार एक्टर के अच्छे बर्ताव को पैरोल के लिए मानदंड माने जाने पर एक नया हलफनामा पेश करे।आपको बता दें कि संजय दत्त को अवैध रूप से हथियार रखने के मामले में जेल हुई थी।
महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें अच्छे बर्ताव के लिए समय से काफी पहले रिहा कर दिया था। संजय दत्त की रिहाई को एक याचिका के जरिए चैलेंज किया गया है। इसके पहले भी बॉम्बे हाईकोर्ट में इस केस में सुनवाई हो चुकी है लेकिन तब महाराष्ट्र सरकार की तरफ से दी गई दलील से कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ था। अब हाईकोर्ट ने इसी अच्छे बर्ताव पर रोशनी डालने को कहा है। वैसे संजय दत्त भले ही आज़ाद हो गए हैं लेकिन देश के 10 सवाल उन्हें आज भी शर्मिंदा करते हैं। संजय दत्त की उम्र उस वक्त 33 साल थी, वो इतने नादान थे कि उन्हें समझ नहीं आया कि ऐसे वक्त में एके 56 राइफल वो किससे खरीद रहे हैं!
संजय दत्त ने अपने बयान में कहा था कि जब वो राइफल खरीद रहे तो कुछ लोगों ने उन्हें हैंड ग्रेनेड भी दिखाए। और पूछा भी कि क्या वो बारूद के गोले खरीदेंगे। इतने के बाद भी संजय ने पुलिस को इत्तिला करना ज़रूरी क्यों नहीं समझा!
संजय दत्त ने एक डीटेल छिपाई जिसका असर 12 मार्च को पूरी बंबई ने देखा जब 13 सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों को जान चली गई और करीब 750 लोग घायल हो गए।
जब संजय दत्त ने राइफल खरीदी थी और उन्हें पता चला कि वही लोग ब्लास्ट के दोषी हैं तो उन्होंने इस बात को कुबूल करने की बजाय चुप रहना बेहतर समझा। जबकि उनसे पूछा गया, तब भी!
संजय दत्त ने राइफल और उसके बाद एक गन अपने दोस्त से खरीदी थी। वो अबू सलेम से भी मिले। उन्होंने अपने घर के गराज में एक स्मगलिंग का आया माल भी रखवाया। संजय दत्त को जब पता चला कि उनके 'दोस्तों' के पास इतनी भारी मात्रा में असलहे और बारूद है तो भी उन्होंने पुलिस को इत्तिला करना ज़रूरी नहीं समझा। जबकि बंबई पहले ही दंगों में सुलग रही थी।
257 लोगों की जान चली जाने के बाद संजय दत्त आराम से किसी आतिश नाम की फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, मॉरीशस में! कहते हैं ना कि इस देश की जनता का दिल बहुत बड़ा है। तभी तो इतने कांड करने के बावजूद संजय दत्त इस देश के हीरो हैं। लोगों के हीरो हैं। मुंबई के हीरो हैं। उस मुंबई के जिसके 257 लोगों की जान उनकी एक 'नादानी' ने ली थी! क्या ये स्टारडम संजय दत्त को काटती नहीं!

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