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दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं ने की 'यूथ अगेंस्ट रेप' मुहिम की शुरुआत

दुष्कर्म के बढ़ते मामलों को लेकर युवाओं ने की


फरीदाबाद। देश की युवा पीढ़ी को एकजुट कर समाज से दुष्कर्म जैसी बीमारी को समाप्त करने के उद्देश्य से 22 वर्षीय युवा पीयूष मोंगा ने 'यूथ अगेंस्ट रेप' नामक मुहिम की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत वह देशभर में घूमकर लोगों में जागरुकता फैलाने का काम कर रहे है। सोमवार को फरीदाबाद में भी इसी मुहिम के तहत युवाओं ने लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम चलाया।

'यूथ अगेंस्ट रेप' के हरियाणा टीम अध्यक्ष साक्षी के साथ मोनिका, वैशाली, प्रज्ञा, स्पर्श, अंकित, भावुक और अन्य सदस्यों ने एक साइलेंट प्रोटेस्ट का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने मुंह पर कपड़ा बांध कर पोस्टर लेकर जनता को रोज़ होने वाले दुष्कर्म और झूठे दुष्कर्म के इल्जामों के बारे में जागरुक किया। इस मुहिम के संरक्षक पीयूष मोंगा ने बताया कि उनकी यह मुहिम 25 मई, 2019 से शुरु हुई है और इस मुहिम में जुड़ी टीम की खासियत यह है कि टीम में जुड़े लोग अपनी पढ़ाई और नौकरी छोड़ कर, खाने और रहने की व्यवस्था के बारे में सोचे बिना देश सेवा करने निकले है। इस पूरी यात्रा में यह टीम 30,000 किमी से अधिक का सफर तय कर, 2 वर्ष तक रास्ते में पौधारोपण व जागरूकता अभियान चलाकर (भारत के इतिहास में पहली बार) 3 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम करेगी।

पीयूष मोंगा ने उन्होंने बताया कि इस मुहिम को कारगर करने के लिए इंस्टाग्राम, ट्विटर और टेलीग्राम के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को एकजुट कर विभिन्न राज्यों में अलग-अलग टीमें बनाई गई। इस मुहिम में पीयूष का साथ 15 से 25 साल के युवा दे रहे है, जो अपने देश को दुष्कर्म और दुष्कर्म के झूठे आरोप लगाकर मासूमों को फंसाने वालो से आज़ाद करना चाहते है। उन्होंने बताया कि इस मुहिम को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री ऑफिस को कई पत्र लिखे है, जिसमें उन्होंने आठ मांगों का जिक्र किया है, उनमें दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सज़ा दी जाए, झूठे दुष्कर्म के आरोप लगाने वालों को कम से कम 14 वर्ष की सज़ा दी जानी चाहिए, स्कूलों में एक्सपट्र्स द्वारा सेक्स एजुकेशन, दुष्कर्म के केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलना चाहिए, दुष्कर्म पीडि़तों और गवाहों को सुरक्षा दी जानी चाहिए, हर शहर में फोरेंसिक लैब होने चाहिए,दुष्कर्म के अपराधियों के लिए राष्ट्रपति दया शासन नहीं होना चाहिए तथा अभी तक फांसी की सजा पाये सभी 64 दुष्कर्म अपराधियों की सजा पर जल्द अमल किया जाना आदि मांगें शामिल है।

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