Top

गुरुग्राम: विस चुनाव में भाजपा के पिछड़ने पर शुक्रवार से होगा मंथन..पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता, पदाधिकारी कर रहे हैं शिरकत

गुरुग्राम: विस चुनाव में भाजपा के पिछड़ने पर शुक्रवार से होगा मंथन..पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता, पदाधिकारी कर रहे हैं शिरकत


-दो दिवसीय बैठक में लेंगे फीडबैक

गुरुग्राम। हरियाणा में भले ही गठबंधन के बाद भाजपा ने सरकार बनाकर अपनी साख बचा ली है, लेकिन 75 पार का नारा लेकर चल रही पार्टी अपने पिछड़ने को पचा नहीं पा रही है। पीएम, सीएम और अन्य केंद्रीय नेतृत्व ने चुनाव में हरियाणा में डेरा डाले रखा, फिर भी सरकार पूर्ण बहुमत से नहीं बना पाए। इसी टीस को लेकर और पिछड़ने का कारण जानने को मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में भारतीय जनता पार्टी मंथन बैठक कर रही है।

भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण चंद्रा वशिष्ठ के मुताबिक दो दिवसीय बैठक में स्थानीय, राज्य और केंद्रीय स्तर के नेता शिरकत करेंगे। शुक्रवार, शनिवार यानी 22 और 23 नवम्बर को दो दिवसीय बैठक सिविल लाइन स्थित स्वतंत्रता सेनानी हॉल में होगी। बैठक में उन नेताओं को भी बुलाया गया है जो चुनाव हार चुके हैं। बैठक में सभी की बातें सुनी जाएगी।

पहले सत्र में जीते, दूसरे में हारे नेताओं से होगी बात:

पहले सत्र में उन विधायकों के साथ बात होगी, जो इस बार चुनाव में जीतकर आए हैं और बीजेपी के हैं। सरकार के साथ गठबंधन की पार्टी से इसमें किसी को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। यह कार्यक्रम पूरी तरह से बीजेपी का पार्टी स्तर का कार्यक्रम है। सरकार का इससे कोई सरोकार नहीं है। विधायकों के बाद उन नेताओं से केंद्रीय नेतृत्व रूबरू होगा जो चुनाव हार गए।

चर्चा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ भी पार्टी के ये हारे हुए मोहरे आवाज उठा सकते हैं। पहले दिन 22 नवम्बर को इस बैठक के बाद रात में भी बीजेपी के चुनिंदा नेताओं, पदाधिकारियों द्वारा आपस में मंथन किया जाएगा। दिन में हुई बैठक में सामने आने वाले मुद्दों और चुनावों में पिछडऩे पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट पर चर्चा होगी।

दूसरे दिन शिक्षा के मंदिर में सभी की सुनेंगे:

बैठक के दूसरे दिन 23 नवम्बर को सेक्टर-51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय में सुबह 10 बजे बैठक आयोजित की जाएगी। करीब सात घंटे तक यह बैठक चलेगी। इस बैठक में बारी-बारी से प्रदेश के कार्यकर्ताओं, नेताओं की बातें सुनकर उनको कलमबद्ध किया जाएगा। बैठक हंगामेदार हो सकती है। क्योंकि पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने जन आशीर्वाद यात्रा पर ही सवाल उठा दिया है। हालांकि यह भविष्य के गर्भ में है कि कौन क्या कहता है और किसकी क्या मंशा है।


Share it