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जी हाँ इच्छा शक्ति से भाग्य को बदला जा सकता है

जी हाँ इच्छा शक्ति से भाग्य को बदला जा सकता है


प्रारंभ में जब हम ज्योतिष का अध्ययन करना सीखते है तो हम कई बार ऐसा मान लेते है कि सभी घटनाओं की भविष्यवाणी जन्मकुंडली से की जा सकती है। जन्मकुंडली को एक आत्मा के कर्मों का नक्शा कहा जा सकता है। प्रत्येक कुंडली स्वयं में वादे के रुप में कुछ योगों के फलित होने की संभावनाएं लिए होती है। इन संभावनाओं को हम अपने इच्छाशक्ति और पुरुषार्थ से कुछ हद तक बदलने का सामर्थ्य रखते हैं। फिर भी यह निश्चित है कि सभी घटनाएं पूर्वनिर्धारित होती हैं। कुंडली में दिए गए विकल्प हमारे जीवन की नियत घटनाओं का मार्गदर्शन करते है। यही हमारी इस जन्म की आत्मा के विकास और उसके स्थानांतरण में सहयोगी साबित होते हैं।

अधिकांशत: हमारी इच्छा हमारी सोच प्रक्रिया के माध्यम से ही विकसित होती है, हम स्वतंत्र रुप से सोच सकते हैं कि जीवन में हमें कौन से मार्ग चुनने चाहिए, हम क्या सोचते है और अपने लिए जो चुनाव हमने कुंडली में नियत घटनाओं के तहत किए है। वही हमारे जीवन को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। जीवन की अधिकतर सभी घटनाएं पूर्वनिर्धारित हैं और जिनमें दिए गए विकल्पों के सही चयन द्वारा हम हमारे जीवन को आकार देकर बदल सकते हैं।

एक पौराणिक कथा के संदर्भ के अंतर्गत भी इसका उल्लेख मिलता है कि ज्योतिषी फलादेश में किसी भी तरह से स्वतंत्र इच्छा से हस्तक्षेप न कर पायें, यही सोच भगवान शिव ने समस्त ज्योतिषी वर्ग को श्राप दे दिया था। इसी वजह से एक योग्य ज्योतिषी भी केवल उतना ही फलादेश कर सकता है, जितने की सहमति स्वयं ज्योतिषी और जातक दोनों के ग्रह योग देते हैं। दोनों की स्वयंत्र दशा और ग्रह योग होने के कारण ऐसा होता है। भगवान शिव के फलादेश के फलस्वरुप ही दो ज्योतिषी कभी एक दूसरे के फलादेश से पूर्ण रुप से सहमत नहीं होते हैं। यहां हम इस कहानी को प्रतीकात्मक रुप से समझ सकते हैं और इस कहानी के माध्यम से हम यह समझने का प्रयास कर सकते हैं कि हम सभी के पास स्वतंत्र इच्छा है और ग्रह योग मात्र संकेत देते है, जिन्हें पूरी तरह से पूर्वानुमानित नहीं किया जा सकता हैं।

हमारे पास निश्चित रूप से स्वतंत्र इच्छा है जिसके द्वारा हम ग्रहों की शक्तियों में बदलाव कर सकते हैं। कुछ अन्य विद्वानों ने भी यह भी माना है कि ज्योतिष विद्या उत्तम और सत्य दिखाने वाली विद्या है लेकिन मनुष्य की इच्छा शक्ति से अधिक शक्तिशाली नहीं है। इसका दावा सभी ज्योतिष शास्त्र करते हैं कि हम अपनी इच्छाओं और विचारों के माध्यम से अपने जीवन को बदल सकते हैं। हम में से ज्यादातर लोग इस बात से सहमत होंगे कि अगर सभी कुछ पूर्वनिर्धारित किया गया हैं तो ऐसे में जीवन उद्देश्यहीन हो जाएगा उसका कोई अर्थ ही नहीं रहेगा। इस स्थिति में हम सभी मात्र किसी स्क्रिप्ट की कठपुतली की तरह बिना किसी बदलाव या पसंद के अभिनय किए जा रहे होंगे। हम जीवन में अपने विकल्पों को इन पूर्वनिर्धारित घटनाओं के मानकों के भीतर तय कर सकते हैं, जो हमारे आध्यात्मिक विकास को निर्धारित करते हैं और हमेशा हमारे जीवन के पाठ्यक्रम को बदल सकते हैं।

हम भाग्य और भाग्य के अवसरों के माध्यम से अचानक खुशी या दुर्भाग्य प्राप्त करते हैं। सही विकल्पों का चयन हमें भविष्य में खुशी, आनंद और प्रसन्नता देता हैं तो गलत विकल्पों का चयन जीवन में कठिनाईयां और कष्ट का कारण बनता है। हम विद्यमान अवसरों में से जो भी चुनाव करते हैं, उसी के अनुरुप हमारे भविष्य की परिस्थितियां और कर्म निर्धारित करने का अवसर प्राप्त होते हैं।

जब भाग्यवश हमारे जीवन में अचानक से कुछ घटित होता है जो उसके परिणामस्वरूप खुशी या दुर्भाग्य का जन्म होता है। हमारे कर्म और हमारे स्वतंत्र इच्छा शक्ति के द्वारा भी हमारे भविष्य के कर्मों का निर्धारण होता है।

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव कुंडली विशेषज्ञ और प्रश्न शास्त्री

8178677715, 9811598848

ज्योतिष आचार्या रेखाकल्पदेव पिछले 15 वर्षों से सटीक ज्योतिषीय फलादेश और घटना काल निर्धारण करने में महारत रखती है। कई प्रसिद्ध वेबसाईटस के लिए रेखा ज्योतिष परामर्श कार्य कर चुकी हैं। आचार्या रेखा एक बेहतरीन लेखिका भी हैं। इनके लिखे लेख कई बड़ी वेबसाईट, ई पत्रिकाओं और विश्व की सबसे चर्चित ज्योतिषीय पत्रिकाओं में शोधारित लेख एवं भविष्यकथन के कॉलम नियमित रुप से प्रकाशित होते रहते हैं। जीवन की स्थिति, आय, करियर, नौकरी, प्रेम जीवन, वैवाहिक जीवन, व्यापार, विदेशी यात्रा, ऋणऔर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, धन, बच्चे, शिक्षा,विवाह, कानूनी विवाद, धार्मिक मान्यताओं और सर्जरी सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं को फलादेश के माध्यम से हल करने में विशेषज्ञता रखती हैं।

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