Top

अनमोल वचन

अनमोल वचन

वैसे तो हर दिन जगत माता की आराधना करने का दिन है, परन्तु नवरात्रों में उनका पूजन श्रद्धापूर्वक विशेष अनुष्ठानों से किया जाये। जो हृद्धय से मां को समर्पित है, उसे मां अपना सम्पूर्ण अर्पित कर देती है। वैसे भी जब मां की कृपा होती है तभी घर में चूल्हा जलता है। मां की कृपा से ही ममतामयी गोद मिलती है। उसी की कृपा से सच्चे मित्रों से मिलन होता है। जब मां की कृपा बरसती है, तो संस्कारों से युक्त परिवार में जन्म होता है। उसी की कृपा से भाई-बहनों के साथ सुख-दुख रूपी संघर्षमयी संसार से सुर्खरू होकर निकल पाते हैं। मां की कृपा का पोषण पाकर ही हमारे मन में वह संस्कार जागृत होता है, जिसके कारण हम अपने बडों का सम्मान कर पाते हैं। उनके चरणों में हमारा माथा झुक जाने को व्याकुल हो उठता है। जब मां की कृपा बरसती है, तब चित्त में विनम्रता आती है, सहजता आती है, सरलता आती है, हमारे चरित्र में शील आकर बैठ जाता है। मां जब कृपा करती है, तो फिर चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं मां ही हमारा धैर्य और शौर्य बन जाती है।

Share it