Top

अनमोल वचन

अनमोल वचन

यदि हमारी परमात्मा के प्रति निष्ठा प्रबल है, तो हमारे शुभ संकल्प अवश्य पूरे होते हैं, क्योंकि जो प्रभु के प्रति निष्ठावान होगा, उसका हृदय निश्च्छल पवित्र और निष्पाप होगा। वह कोई ऐसा कार्य करेगा ही नहीं, जो प्रभु को अप्रिय हो, जो कुछ भी हमारे पवित्र ग्रंथों ने हमें दिया, हमारे संतों ने हमें समझाया, वह कितना अनमोल है कि उनकी शिक्षाओं ने ही हमें निष्ठावान बनने की प्रेरणा दी, परन्तु दुर्भाग्य है कि आज की पीढी अपनी संतानों के भीतर उस ज्ञान के प्रति वह आकर्षण और श्रद्धा पैदा नहीं कर सकी। प्रतीत है कि हमारी ही निष्ठाएं इधर-उधर डोलती रहीं, तो भला उस सनातन परम्परा का प्रसाद अपनी संतानों को कैसे दे सकते थे, पोंगा पंथियों के बहकावे में हमने वेदों और उपनिषदों की शिक्षाओं से मुंह मोड लिया है। काल के प्रवाह में 'अकाल' का दर्शन कैसे हो? यह हमारे उक्त पवित्र ग्रंथों की वाणी से पता चलता है, जिसे हमें प्रयत्नपूर्वक अपनी अगली पीढी के हाथों सौंपना चाहिए।

Share it