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अनमोल वचन

अनमोल वचन

स्वामी विवेकानन्द कहते हैं कि यदि तुम ठान लो तो कोई भी कार्य असम्भव नहीं है। तुम महात्मा बुद्ध बनना चाहोगे तो वही बन जाओगे। कोई आदमी दूसरों से प्रेरणा पाकर भी उत्कृष्ट कार्य कर सकता है, परन्तु व्यक्ति की भीतरी प्रेरणा अधिक महत्वपूर्ण होती है। बाहर से ली गई प्रेरणा कुछ समय के लिए ही होती है, परन्तु जब व्यक्ति अपने अन्तर्मन से प्रेरित होकर कार्य करता है, तो वह न केवल लम्बे समय तक टिकाऊ होती है, बल्कि उसके परिणाम हमेशा अच्छे होते हैं। आन्तरिक प्रेरणा प्राप्त करने का सबसे सफल उपाय यह है कि जब भी आप अपने जीवन में निराशा हताश हो तब उन क्षणों को याद करना चाहिए, जब आपने बहुत अच्छा काम किया हो। किसी व्यक्ति की आन्तरिक प्रेरणा तभी जाग्रत होती है जब उसे अपना लक्ष्य मालूम होता है। समुन्द्र में खडा जहाज सुरक्षित होता है, पर क्या उसे बनाने का उद्देश्य यही है? जहाज की तरह ही हर व्यक्ति को अपना एक उद्देश्य बनाना चाहिए। जब लक्ष्य होगा तभी चुनौतियां भी होंगी। लक्ष्य यद्यपि हमेशा बडा होना चाहिए, परन्तु उसे छोटे रूप में शुरू कीजिए। छोटी-छोटी सफलताएं ही आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचायेंगी।

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