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अनमोल वचन - Page 4

  • अनमोल वचन

    कभी-कभी आदमी को ज्ञान भी नहीं रहता और वह हंसी मजाक में ही व्यंग्यात्मक वाक्य बोल देता है, जिससे वह दूसरों को चुभ जाता है। इसलिए जिसे अपने कार्य व्यवहार में जन सम्पर्क साधना होता है, उसे उपहास, व्यंग्य, तिरस्कार की आदत को छोड ही देना चाहिए। इसके लिये शिष्टाचार के किसी विद्यालय में पढने की आवश्यकता...

  • अनमोल वचन

    जीवन की सफलता में जितना सहायक मानसिक सन्तुलन होता है, उतना शायद अन्य कोई साधन ही उपयोगी सिद्ध हो। सन्तुलित मन वाला व्यक्ति ही विनम्र और अच्छा व्यवहार कर सकता है। उसी में यह विशेषता होती है, जो मैत्री को बढाने और कटुता को घटाने में सहायक सिद्ध हो सके। व्यवहार की सामान्य भूल भी अन्य लोगों को खल जाती...

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    आज महाशिवरात्रि है। शिव की महिमा अपार है। उन्हें सभी देवताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। शिव का शाब्दिक अर्थ है कल्याण करने वाला। वे मृत्युंजय हैं तो प्रलय के देवता भी। शिव एक अलंकार है। शिव की जटाओं से प्रवाहित गंगा ज्ञान की प्रतीक है, मस्तिष्क के ऊपर चन्द्रमा शान्ति का प्रतीक है। वें गले में...

  • अनमोल वचन

    कल मातृ भाषा दिवस है। किसी ने सही कहा है कि 'मां, मातृभूमि एवं मातृभाषा पर जिसे अभिमान नहीं, वह सच्चा इन्सान नहीं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार मातृभाषा समस्त मानसिक क्रियाओं, मनोभावों और मनोवेगों की अभिव्यक्ति का सर्वश्रेष्ठ साधन है, अन्य किसी भाषा के माध्यम से हम इन्हें स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त नहीं कर ...

  • अनमोल वचन

    किसी का सहारा मनुष्य को आलसी, अर्कमण्य और अहंकारी बना सकता है और सहारा ही उसे मेहनती, कर्मठ और विनम्र भी बना सकता है। यह व्यक्ति पर निर्भर है कि वह उसे मिले सहारे को किस रूप में देखता और उसका कैसे प्रयोग करता है। हमारे द्वारा मिले थोडे से खाद-पानी के सहारे एक ही बीज पेड बनकर लोगों को खाने के लिये...

  • अनमोल वचन

    जीवन में कभी ऐसा भी घटित हो जाता है कि ईश्वर पर से भरोसा उठ जाता है। अपनों को खो देना अथवा पूरी मेहनत करने के बाद भी असफल हो जाना, या किसी के साथ बुरा न करने के बावजूद अपयश, अपकीर्ति का मिलना जैसी परिस्थितियों से लगता है 'अब सब कुछ खत्म हो गया' या 'अब कुछ नहीं हो सकता'। समय सबसे बडी दवा है और इसीलिए ...

  • अनमोल वचन

    संसार में ऐसे व्यक्तियों की संख्या अधिक है, जिन्हें उनकी वर्तमान की सफलता पर सन्तोष नहीं होता। जिसे अपने वर्तमान की सफलता पूर्व में अर्जित सफलता से छोटी लगती है, वह कभी अपने कार्य से सन्तुष्ट नहीं हो पाता। इस कारण वह खुशी से वंचित ही रहता है। जीवन में खुश रहने के लिये जरूरी है हम अपने जीवन से नीरस...

  • अनमोल वचन

    प्रत्येक मनुष्य खुशी चाहता है और उसे पाने के लिये यहां-वहां भटकता रहता है, जबकि खुशी उसके अन्तर्मन में निहित है। दुर्भाग्यवश अधिकांश लोग यह बात जानते हुए भी इससे अनजान बने रहते हैं। हमारी खुशी का सम्बन्ध सन्तोष, सन्तुष्टि से है, हमारा आन्तरिक दृष्टिकोण ही हमारे अन्दर सच्चे मायने में खुशी की भावना का ...

  • अनमोल वचन

    हर दुखी आदमी को यही लगता है कि ऐसा मेरे साथ ही क्यों हुआ या फिर इस दुनिया के सारे दुख-दर्द मैं ही क्यों झेल रहा हूं। यदि सोचा जाये तो महत्वपूर्ण यह नहीं होता कि आपके पास पीडाएं कितनी हैं, जरूरी यह होता है कि उस दर्द के साथ आप किस प्रकार खुश रह सकते हैं। इसलिए खोये हुए का गम मनाने के बजाय जो कुछ भी...

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    प्रेम अनगिनत रंगों में रंगे सौन्दर्य का प्रतीक है, जो कई रंगों में दिखकर भी एक ही है। कोई जब इसके एक रंग को पकडकर इसी को प्रेम मान बैठता है, तो यह प्रेम के प्रति नाइंसाफी है। नारी का प्रेम बहुआयामी होता है। जो नारी अपने प्रियतम के संग प्रेयसी भाव से विचरती है, वही अपनी सन्तानों को वात्सल्य के रस में ...

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    धर्म और आध्यात्म भारत के मूल प्राण हैं। जिस प्रकार प्राण के बिना शरीर निर्जीव हो जाता है, उसी प्रकार धर्म, आध्यात्म, आस्था, भक्ति योग तथा तत्व ज्ञान के बिना यह देश अस्तित्वहीन हो जायेगा। भारत पूरे विश्व में गुरू के रूप में प्रतिष्ठित है। विश्व को ज्ञान, वैराग्य की शिक्षा देना सत्य के मार्ग का...

  • अनमोल वचन

    गीता में भगवान कृष्ण अर्जुन से कहते हैं-शुभ कार्य करने वाले का न इस लोक में न ही परलोक में विनाश होता है। शुभ कार्य करने वाला सद्गति को प्राप्त होता है। परोपकार ईश्वर प्राप्ति का एक मार्ग भी है। मनुष्य जितना परोपकारी बनता है वह उतना ही ईश्वर के समीप पहुंच जाता है। परोपकार करने से मनुष्य के जीवन की...

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