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Read latest updates about "अनमोल वचन" - Page 3

  • अनमोल वचन

    नये वर्ष की मंगल बेला में उज्जवल भविष्य की रचना हेतु कुछ सूत्र- सफलता और असफलता हमारे जीवन का हिस्सा हैं। इसलिए सफलता मिलने पर न तो इतराना चाहिए, न अभिमान करना चाहिए। न ही असफलता मिलने पर निराश होना चाहिए। जीवन में सन्तुष्ट एवं खुश रहने के लिये सबसे ज्यादा जरूरी है कि हमें अपनी नकारात्मक सोच को दूर...

  • अनमोल वचन

    किसी समस्या के कारणों को समझने और उसके समाधान के लिये मनुष्य की मानसिक ऊर्जा का सक्रिय होना ही जिज्ञासा है। मनुष्य की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि उसकी जिज्ञासा समाप्त हो जायेगी तो उसके जीवन में ठहराव आ जायेगा। जिज्ञासा मनुष्य के विकास की जडों को मजबूत करती है। जिज्ञासा न...

  • अनमोल वचन

    अधिकांश लोग आजकल तनाव में देखे जाते हैं। तनाव के मुख्य कारणों में एक कारण तो मनुष्य का अपनी क्षमता, योग्यता से अधिक ऊंची उडान भरना है। मनुष्य के ऐसे संकल्प और इच्छाएं बहुधा पूरी नहीं हो पाती। जब उनकी पूर्ति नहीं हो पाती तो वही उनके तनाव का कारण बन जाती है। संकल्प लेना अच्छा है, सपने देखना बुरा नहीं,...

  • अनमोल वचन

    प्रौढावस्था से लेकर बुढापे तक जीवन में जितनी कम आशाएं अपेक्षाएं रखते हैं, उतने ही हम अधिक खुश और स्वस्थ रहते हैं। बात-बात में व्यस्क या अन्य बच्चों को नैतिकता का पाठ पढाना या अधिक परामर्श देना इस अवस्था में उचित नहीं। वें स्वयं ही समझदार हैं, बल्कि वें हमसे अधिक ही 'समझदार हैं। हमारी सलाह की अपेक्षा...

  • अनमोल वचन

    उद्देश्यहीन जीवन निरर्थक है। ऐसा जीवन पशुवत ही कहा जायेगा। जीवन में कुछ पाने के लिये, सफल होने के लिये कोई लक्ष्य तय करना पडता है और उसमें सफलता पाने के लिये बुद्धि विवेक के साथ पुरूषार्थ करना पडता है। हर व्यक्ति में बुद्धि है, क्षमता है, ऊर्जा है, इसलिए उसमें आत्मबल भी होना चाहिए, स्वयं पर विश्वास...

  • अनमोल वचन

    संसार में जितने भी मनुष्य हैं उन सभी के भीतर शक्ल-सूरत और वाणी से भी अलग कुछ न कुछ विशेषता ऐसी होती हैं, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करती हैं। हममें से भी जो व्यक्ति अपने भीतर की ऊर्जा को जान लेता है, उसका सकारात्मक उपयोग करता है, वह महात्मा हो जाता है। यह अवश्य सम्भव है कि इन महान आत्माओं के...

  • अनमोल वचन

    हर इन्सान को अपना पथ स्वयं चुनना पडता है और उसमें संशोधन भी अपनी परिस्थितियों और सामथ्र्य के अनुसार ही करना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हर व्यक्ति के लिये देश काल और परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं। किसी और के बनाये रास्ते पर चलना श्रेयष्कर नहीं है। इससे हमारी सफलता भी संदिग्ध हो जाती है। इसे ऐसे...

  • अनमोल वचन

    सेवा धर्म मानवीय सद्गुणों में सर्वोपरि है। इस धर्म को वही धारण कर सकता है, जो अपने निहित स्वार्थ और अहंकार के भाव से ऊंचा उठ चुका है। वास्तव में निष्काम सेवा ही सच्ची सेवा है, जिसमें हम यश, मान, अपमान से कोसों दूर होते हैं, तभी तो हम इस सेवा के द्वारा भगवान के अधिक समीप होते हैं। यदि सेवा के...

  • अनमोल वचन

    मनुष्य का जीवन उतार-चढाव से भरा है, इसलिए उसके जीवन में तनाव तथा अवसाद सामान्य सी बात है, परन्तु हमें हरदम इनसे मुक्ति का प्रयास करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि तनाव ही तमाम प्रकार की बीमारियों और रोगों का कारण है। हमारे जीवन में कई कारणों से तनाव उत्पन्न होता है। कई बार हमारे सामने ऐसी परिस्थितियां आ...

  • अनमोल वचन

    अपनी निंदा सुनकर सभी को बुरा लगता है, क्रोध भी आता है, यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि इससे स्वयं के अभिमान को चोट लगती है, परन्तु समझदार लोगों के लिये उचित है कि वह संयम से काम ले। वह यह देखे कि ऐसा अनुमान लगाने का अवसर किस घटना के कारण पैदा हुआ। अटपटे व्यवहार भी कई बार दोष दुर्गण जैसे ही खतरनाक होते...

  • अनमोल वचन

    आलोचना से कोई मनुष्य नहीं बच सकता। जो मनुष्य जितना बडा होता है, उसकी आलोचना भी उतनी ही बडी होती है। इसलिए आलोचना से घबराकर धैर्य नहीं खोना चाहिए। आलोचना दो प्रकार की होती है- रचनात्मक और विध्वंसक। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किसी न किसी समय आलोचना का शिकार होना ही पडता है। आलोचना सम्मान पर...

  • अनमोल वचन

    भौतिक शरीर का भोजन अन्न है, जबकि आत्मा का भोजन प्रभु की स्तुति, प्रार्थना, उपासना है। प्रभु की स्तुति, प्रार्थना की महिमा के बखान से तमाम धर्मों के ग्रंथ भरे पडे हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रार्थना उपासना द्वारा मानव महामानव बन सकता है। प्रार्थना मानव जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए। आत्मबल की...

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