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अनमोल वचन

अनमोल वचन

आज हममें से अधिकांश की स्थिति उस दार्शनिक की तरह है, जिसने स्वयं को अपने बिस्तर पर देखा और अपने को वहां नहीं पाया, क्योंकि बिस्तर खाली था। कुछ देर बाद ही वह घर के बाहर आकर चिल्ला-चिल्लाकर पूछने लगा कि कृपया कोई मुझे बता दे कि मैं कहां हूं। मैंने सब कुछ पा लिया, खोज लिया, जो जहां रखा था, पर मैं एक चील भूल गया हूं, क्योंकि मैंने यह नहीं लिखा कि 'मैं कहां हूँ । अब मैं स्वयं को कहां खोजूं, मैंने सोचा मैं बिस्तर पर हूं, पर मैं वहां भी नहीं हूं। बेशक यह एक अजीबोगरीब कहानी है, परन्तु प्रत्येक की कहानी है, हर मनुष्य की कहानी है। आज सब जानते हैं कि आपका घर कहां है, आपका अपना फोन नम्बर, बैंक एकाउंट, पैन और आधार नम्बर आदि भी भलीभांति जानते हैं। आप अपनी पत्नी, पति, बच्चों आदि को भी जानते हैं, कौन बेटा है, कौन बेटी है, यह भी जानते हैं, पर क्या आप यह जानते हैं कि आप कौन हैं और कहां पर हैं? यह प्रश्न जीवन भर अधूरा रह जाता है, क्योंकि हम सब इसको छूना नहीं चाहते और ऐसे ही संसार से कूच कर जाते हैं। यदि आप इसका उत्तर खोज पाते हैं तो फिर कभी यह प्रश्न आपके सामने आयेगा ही नहीं, क्योंकि आपको आने-जाने से छुटकारा मिल जायेगा।

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