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अनमोल वचन

अनमोल वचन

मंत्र शब्दों का एक सुन्दर संगठन है, जो ध्वनि विज्ञान पर आधारित है। उदाहरण स्वरूप जब एक अच्छा अभ्यासी संगीतकार गीत गाता है तो सुनने वाले मुग्ध होकर हिलने लगते हैं, किन्तु वही गीत और सरगम जब किसी अनभ्यासी व्यक्ति के द्वारा गाया जाता है, तो श्रोता उठकर चले जाते हैं, क्योंकि वह उस लय के साथ समुचित उच्चारण नहीं कर पा रहा है। ठीक उसी प्रकार मंत्रों का शुद्ध रूप से उच्चारण करने पर हमारे मन के अन्दर निहित ऊर्जा देवता के आह्वान प्रतीक से जागृत होती है। वस्तुत: हिन्दू धर्म ग्रंथों में मंत्रों का उच्चारण करने के कुछ नियम निर्धारित किये गये हैं। मंत्रों के उच्चारणें की इन विधियों को सीखा जा सकता है। इसलिए मंत्र को कंठस्थ कर उसका उच्चारण स्वयं करने के स्थान पर बेहतर है कि उनके उच्चारण की सही-सही विधि किसी विद्वान से जानी समझी जाये। जब मंत्र का उच्चारण सही होगा तो उसका पूरा लाभ हमें होगा। एक बात का विशेष ध्यान रखें मंत्रों का जाप पूरे मन से पूरी श्रद्धा, आस्था और सम्मान के साथ किया जाये।

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