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अनमोल वचन

अनमोल वचन

स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जो व्यक्ति मर्यादाओं का पालन करता है, वह सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करता है, जबकि मर्यादाहीन अनैतिक व्यक्ति जीवन को नरक बना लेता है। तमाम अवधारणाओं के बावजूद हम कभी-कभी अनुशासन तोड देते हैं, जिसके फलस्वरूप हमें अनेक दुख और सन्ताप झेलने पडते हैं। मानव तन अत्यंत दुर्लभ है। यदि हमने सावधानी से इसका उपयोग न किया तो वह व्यर्थ हो जायेगा। मर्यादाओं के द्वारा हम एक ऐसा संसार रचते हैं, जिसमें आस्था है, विश्वास है, सफलता है और सार्थकता है। ये सब चीजें न हो तो हम कभी जीवन मूल्यों को समझ नहीं सकते। लाखों लोग अनैतिक जीवन जीते हुए दुनिया छोड जाते हैं। मर्यादित जीवन में कर्म और यश के फूलों की ऐसी सुगन्ध व्याप्त होती है, जो अपने को तो सुगन्धित करती ही है, उससे समाज भी सुगन्धित होता है। यदि कोई व्यक्ति अमर्यादित आचरण करता है तो वह स्वयं का तो अहित करता ही है, समाज का अहित भी करता है। अमर्यादित आचरण करने वाले को समाज में सम्मान भी प्राप्त नहीं होता। कोई भी देश प्रगति के पथ पर तभी अग्रसर हो सकता है, जब वहां के नागरिक मर्यादित आचरण करने वाले हों, अन्यथा वहां अराजकता फैल जायेगी।

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