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अनमोल वचन

  • अनमोल वचन

    साधक शांत मुद्रा में आंखे बंद करके बैठ जाये और ईश्वर के दिव्य प्रकाश का स्मरण करें तो अनन्त अन्तरिक्ष में विशाल प्रकाश पुंज दिखाई देगा। मन को नियंत्रित करके उस दिव्य आलोक में प्रवेश करने का प्रयास करें। भागते हुए मन को उस प्रकाश के केन्द्र में स्थिर करने का प्रयास करें। यहीं से मौन प्रार्थना शुरू...

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    शरीर का सबसे जटिल और शक्तिशाली अंग मस्तिष्क होता है। जिस प्रकार मांसपेशियों की कसरत करने से शरीर को लाभ होता है वह स्वस्थ रहता है, उसी प्रकार मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए उसका व्यायाम मौन है। दैनिक जीवन में लोग यदि आवश्यकतानुसार ही बोले, फिजुल की बकवास न करें, तो नब्बे प्रतिशत मतभेद या विवाद स्वयं ...

  • अनमोल वचन

    मौन एक सच्चा मित्र है, जो कभी धोखा नहीं देता। मौन के बल पर भगवान महावीर और गौतम बुद्ध ने आत्म ज्ञान प्राप्त किया था। संसार में सारे अच्छे विचार मौन से उत्पन्न होते हैं। जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन और गहरी नींद आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य के लिए मौन जरूरी है, जो मौन...

  • अनमोल वचन

    ऐसे लोगों की समाज में कमी नहीं, जो केवल अपनी ही प्रशंसा सुनना चाहते हैं, दूसरों की प्रशंसा सुनना उन्हें सहन नहीं होता। किसी की प्रशंसा सुनने के लिए भी बडा दिल चाहिए। किसी की जरा सी तारीफ सुनी नहीं कि आप तुनक कर उठ गये। यह आपके मन की संकीर्णता का परिचायक है। इसमें आप किसी की हानि नहीं कर रहे, वरन...

  • अनमोल वचन

    अपने बारे में बहुधा आदमी खुशफहमी का शिकार रहता है। वह समझता है कि मेरी विशेषताओं से, मेरे सद्गुणों से दूसरे प्रभावित हैं। मैं कैसा प्रभाव छोड रहा हूं। दूसरे मेरे बारे में क्या सोचते हैं, यह तो दूसरे ही बतला सकते हैं। अपने व्यक्तित्व में जिन सद्गुणों के होने के बारे में आप पूर्णरूप से निश्चित हैं,...

  • अनमोल वचन

    समय परिवर्तनशील है। उसकी यह विशेषता सभी को प्रभावित करती है। आप समय के एक-एक पल को सार्थकता के साथ जीने का संकल्प ले लें, तो आपकी राह में आने वाले कांटे भी फूलों की भांति सुगन्धित हो जायेंगे। समय कैसा भी हो गुजर ही जायेगा। बस आपको उस बुरे समय में धैर्य के साथ रहना होगा। समय का सदुपयोग करना होगा। समय ...

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    अहंकार वास्तव में हमारा शत्रु है। इसे अपने जीवन के शब्दकोष से निकाल बाहर फेंक दें। संतोष और सहनशीलता को जीवन में धारण कर निरन्तर आगे बढते रहें। जो सहना सीख जाता है, उसे सहना आ जाता है। अर्थात जीना आ जाता है। कर्म कीजिए भाग्यवादी मत बनिए, स्वयं पर भरोसा कीजिए, अपेक्षाएं केवल स्वयं से रखिए, क्योंकि...

  • अनमोल वचन

    मित्र वे नहीं होते, जो आपके चेहरे के भाव देखकर ही आपकी पीडा को आपके दर्द को पहचान पाते हैं। मुंह से अपना दर्द बखान करना पडे, तो फिर मित्र कैसा, हितैषी कैसा? एक कहावत है 'जो जाहिर हो जाये वह दर्द कैसा, जो खामोशी न समझ पाये वह हमदर्द कैसा। सच्चा मित्र व हमदर्द वह है, जिसे आपकी पीडा समझने के लिए भाषा...

  • अनमोल वचन

    अपने लिए तो पशु भी जीता है, परन्तु मनुष्य तो वह है, जो दूसरों के बारे में भी सोचता है। मनुष्य है तो उसके आचरण में लोक-परलोक का चिंतन शामिल होना चाहिए और ऐसा तभी सम्भव होगा, जब मनुष्य स्वार्थी न हो। स्वामी विवेकानन्द कहते हैं कि संसार की उन्नति में योगदान करने से वास्तव में हम लोग स्वयं...

  • अनमोल वचन

    मनुष्य रूप में अनमोल जीवन मिला है, इसे उत्साह उमंग में व्यतीत करते इसका आनन्द लें। इसे दुखी रहकर काटे अथवा प्रसन्न चित्त रहकर काटे मर्जी आपकी है, क्योंकि जीवन आपका है। व्यक्ति यदि चाहे तो पूरी जिंदगी उत्साह उमंग में काट सकता है वरना शिकायतों के लिए पूरा जीवन भी कम पड जाये। दुखी रहने से जीवन में...

  • अनमोल वचन

    उत्साह और उमंग रहित जीवन व्यर्थ है। हर व्यक्ति को उत्साह के साथ जीवन जीने की कला सीखनी चाहिए। हर मनुष्य को अपना जीवन उद्देश्य तय करना चाहिए। उद्देश्य रहित जीवन पशु तुल्य है। उद्देश्य मनोनुकूल और रचनात्मक होना चाहिए, जिसकी पूर्ति करते हम उत्साह की अनुभूति करें। संसार में जितने भी महत्वपूर्ण और...

  • अनमोल वचन

    कोई भी महिला आपने मायके को नहीं भूलती। समय मिलते ही वहाँ जाना चाहती है। हम सभी आत्माओं का असली मायका परमात्मा धाम है। कदाचित वहाँ जाने की छटपटाहट तो हमने भी होती हैं किन्तु हम उसे भुला बैठते हैं। वहाँ वापिस जाने का रास्ता कुछ कठिन अवश्य है किन्तु तत्वदर्शी सदगुरु के निर्देशन में उसे...

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