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राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3708, तीन की मौत...गहलौत बोले-कोई श्रमिक पैदल न जाए,हम व्यवस्था कर रहे है..

राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3708, तीन की मौत...गहलौत बोले-कोई श्रमिक पैदल न जाए,हम व्यवस्था कर रहे है..

जयपुर 09 मई - राजस्थान में 129 नये कोरोना पाॅजिटिव मरीज सामने आने केे साथ ही इसकी संख्या बढकर आज 3708 पहुंच गयी वही अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है।

चिकित्सा विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार राजधानी जयपुर में 51, उदयपुर में 25, अजमेर में 15, चित्तौडगढ में दस, जोधपुर में 11, पाली में चार, चुरू में दो, राजसमंद में दो, जालोर में तीन, कोटा, बाडमेर ,वं दौसा में एक-एक नया कोरोना संक्रमित मरीज सामने आया है।

विभाग के अनुसार राज्य में आज तीन कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की मौत हो गयी। इस जानलेवा विषाणु से अब तक राज्य में 106 लोंगो की मौत हो गयी है जिसमें अकेले जयपुर में 56 लोगों की जान जा चुकी है।विभाग के अनुसार अब तक एक लाख 59 हजार 157 सैंपल लिये जिसमें से 3708 पाॅजिटिव एक लाख 52 हजार 296 नेगेेटिव तथा तीन हजार 206 की रिपोर्ट आनी बाकी हैं। सूत्रों के अनुसार राज्य में अब तक 2126 कोरोना वायरस के मरीज ठीक हुये तथा 1895 मरीजों को अस्पताल से छुट्टि हो चुकी है।

इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि लॉकडाउन के कारण फंसा हुआ कोई श्रमिक अपने गृह स्थान के लिए पैदल रवाना नहीं हो।

श्री गहलोत ने आज मुख्यमंत्री निवास पर प्रवासियों के आवागमन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन्हें बसों एवं ट्रेनों के माध्यम से अपने-अपने गृह स्थानों पर पहुंचाने के लिए उचित व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो श्रमिक पैदल रवाना हो गए हैं, उनके लिए रास्ते में कैम्प एवं भोजन सहित अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। कोई श्रमिक भूखा-प्यासा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में हर व्यक्ति के जीवन की रक्षा और उनके दुःख-दर्द को बांटना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण फंसे हुए जिन प्रवासियों एवं श्रमिकों ने आवागमन के लिए पंजीयन करवाया है। उन्हें ई-पास प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी नहीं आए। इसके लिए ई-पास के सिस्टम को और बेहतर बनाएं। जिन प्रवासी एवं श्रमिकों को ई-पास प्राप्त हो गए हैं, उन्हें ट्रेनों के माध्यम से भेजने के लिए समय पर सूचना दी जाए, ताकि वे ट्रेन के शेड्यूल के अनुसार निर्धारित स्टेशन पर पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी, मृत्यु या अत्यावश्यक कार्यों को लेकर पास की प्रक्रिया को और सुगम बनाएं तथा ऎसे मामलों में सहानुभूतिपूर्वक जल्द से जल्द पास जारी करें, ताकि लोगों को अनावश्यक पीड़ा नहीं झेलनी पडे़। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक कार्य होने पर अंतर जिला आवागमन के लिए ई-पास के साथ ऑफलाइन पास की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए संबंधित थाने एवं एसडीएम कार्यालय को अधिकृत किया जाए। साथ ही यह व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए कि लोगों को थाने एवं एसडीएम कार्यालय नहीं जाना पडे़, उन्हें मोबाइल के माध्यम से ही पास प्राप्त हो जाए।

श्री गहलोत ने कहा कि करीब 50 दिन से चल रहे लॉकडाउन से उपजी परिस्थितियों के कारण श्रमिक रोजगार एवं घर नहीं पहुंच पाने की पीड़ा के कारण तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे हैं। इन श्रमिकों को संबल दिया जाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसे हुए श्रमिकों एवं प्रवासियों को जल्द से जल्द उनके गृह स्थानों पर सुरक्षित पहुंचाया जा सके, इसके लिए भारतीय रेलवे से समन्वय कर ट्रेनों की संख्या बढ़वाई जाए। साथ ही जिन स्थानों की दूरी कम है, वहां बसों से लोगों को उनके गृह स्थान भिजवाया जाए। उन्होंने कहा कि तकलीफ झेल रहे श्रमिकों एवं प्रवासियों का सकुशल आवागमन जरूरी है, लेकिन इनकी स्क्रीनिंग एवं क्वारेंटाइन की व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति का होम या संस्थागत क्वारेंटाइन सुनिश्चित किया जाए।

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