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अब 'तीर' नहीं मिसाइल का है जमाना : तेजस्वी

अब तीर नहीं मिसाइल का है जमाना : तेजस्वी

पटना/जमुई/शेखपुरा/गया -बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला और कहा कि वह कहते हैं 'लालटेन' का समय चला गया है तो शायद उन्हें जानकारी नहीं है कि अब 'तीर' का भी नहीं मिसाइल का जमाना है।

श्री यादव ने पटना जिले के माेकामा, जमुई, शेखपुरा और गया में राजद नीत महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में रविवार को आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार कहते रहे हैं कि अब बिहार में लालटेन (राजद का चुनाव चिन्ह) युग समाप्त हो गया है लेकिन शायद उनको पता नहीं है कि अब तीर (जदयू का चुनाव चिन्ह) का समय भी नहीं रहा, अब तो मिसाइल का जमाना है। उन्होंने कहा कि बिहार में बेरोजगारी के अंधेरे को मिटाने के लिए लालटेन जरूरी है।

राजद नेता ने राज्य की नीतीश सरकार पर गरीबी, बेरोजगारी नहीं दूर करने और पलायन न रोक पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बार महागठबंधन की सरकार बनी तो मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 10 लाख युवाओं को नौकरी देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जाएगी। नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन की उनकी वर्षों पुरानी मांग को भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जदयू के तीर ने राज्य के युवाओं का सीना छलनी कर दिया है।

श्री यादव ने लॉकडाउन में फंसे लोगों को बिहार वापस लाने के नीतीश सरकार के दावों को लेकर हमला तेज करते हुए कहा कि कोरोना काल में सरकार ने 40 लाख से ज्यादा लोगों से मुंह फेर लिया था। मुख्यमंत्री श्री कुमार ने तो यहां तक कह दिया था कि जो जहां हैं वहीं रहिए। इससे निराश होकर लोग 2000 किलोमीटर पैदल चल कर बिहार वापस आने लगे। लोगों के पैर में छाले पड़े गए, भूखे-प्यासे कई लोगों ने तो रास्ते में ही दम तोड़ दिया। उन्होने दावा किया कि इस बार बिहार के किसानों और नौजवानों ने डबल इंजन की सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है।

राजद नेता ने कोरोना काल एवं बाढ़ जैसी आपदा के दौरान आपदा विभाग के कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री श्री कुमार से हिसाब मांगा और कहा कि विभाग में पूरा घोटाला हुआ है। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि 15 साल से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं, कितने लोग यहां बेरोजगार हैं। महंगाई घटी, पलायन घटा, गरीबी खत्म हुई। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें फिर से मौका मत दीजिए।

श्री यादव ने मतदाताओं से एक बार महागठबंधन को मौका देने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनी तो नौकरी के आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी एवं टोला सेवकों की नौकरी को स्थाई कर दिया जाएगा। साथ ही उनके वेतन में भी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया जाएगा।

राजद नेता ने कहा, "नीतीश जी कहते हैं कि यहा कल-करखाना नहीं लगता क्योंकि यहां समुद्री इलाका नहीं है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने कार्यकाल में बिहार में रेल कारखाने लगवाए।" उन्होंने कहा कि शनिवार से लोगों ने अपने घरों में आसुरी शक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने की शपथ के साथ कलश स्थापना की है। आज हम संकल्प लें कि बिहार से वर्तमान राक्षसी सरकार को उखाड़ फेकेंगे।

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