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नीतीश का लालू-राबड़ी पर बोला हमला, कहा-बिहार में पहले था अपराध और नरसंहार का बोलबाला

नीतीश का लालू-राबड़ी पर बोला हमला, कहा-बिहार में पहले था अपराध और नरसंहार का बोलबाला

बक्सर/भोजपुर - बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक बार फिर पूर्ववर्ती लालू-राबड़ी सरकार पर हमला बोला और कहा कि पहले राज्य में अपराध और नरसंहार का बोलबाला था।

श्री कुमार ने रविवार को बक्सर और भोजपुर जिले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवारों के पक्ष में चार चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पहले बिहार का क्या हाल था, यह बात किसी से छुपी-ढकी नहीं है। पहले राज्य में अपराध और नरसंहार का बोलबाला था लेकिन जबसे उन्हें सेवा का मौका मिला तब से राज्य कानून का राज स्थापित है। इसीका नतीजा है कि वर्ष 2018 के राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़े में बिहार 23वें नंबर पर नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के हर वर्ग और क्षेत्र का न्याय के साथ विकास किया है। किसी की उपेक्षा नहीं की गई।

मुख्यमंत्री ने उनके कार्यभार संभालने के पूर्व राज्य में शिक्षा के खराब बुनियादी ढांचे को लेकर लालू-राबड़ी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बिहार में लगभग कोई भी शैक्षणिक संस्थान नहीं थे जो थे भी वह बेकार थे । लेकिन उनकी सरकार ने इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और एएनएम कॉलेजों की स्थापना की है। साथ ही अब हर जिले में चिकित्सा महाविद्यालों की स्थापना का प्रस्ताव रखा है।

श्री कुमार ने वादा किया कि जीतने के तुरंत बाद सभी विधायकों को दो महीने के भीतर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की सभी समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए कड़ाई से निर्देश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह कोई हवाबाज़ी नहीं करते हैं बल्कि ठोस योजना बनाते हैं। अध्ययन और सर्वेक्षण करते हैं तथा समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्षियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग बिहार के विकास के लिए कुछ भी नहीं करते हैं। उनके पास कोई विजन नहीं है लेकिन वे सभी चाहते हैं कि अपने लिए पैसा कमाया जाए और राज्य को लूटा जाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जो कुछ किया है वह राज्य के लोगों के विकास के लिए किया है। उन्होंने बिहार में रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दुहराते हुए कहा, "मैं 'प्रवासी' शब्द में विश्वास नहीं करता। पूरा देश एक है, कोई भी जहां चाहे वहां जा सकता है। हालांकि हम बिहार में ही रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं ताकि किसी को भी मजबूरी में राज्य से बाहर काम के लिए न जाना पड़े।

श्री कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने गरीबों को मुफ्त में दवा उपलब्ध कराई है। साथ ही राज्य में सरकारी अस्पतालोंं में चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए गंभीर प्रयासों का ही परिणाम है कि पहले जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने केवल 39 मरीज पहुंचते थे लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 10 हजार मरीज प्रतिमाह हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सात निश्चय-एक के कार्यकम को लागू किया गया है, जिसके तहत हर घर में बिजली पहुंचा दी गई है। हर घर में शौचालय निर्माण का काम एवं हर टोले तक संपर्कता का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। युवाओं के लिए सभी कार्यक्रम लागू हैं, जिसका लाभ बिहार के युवा उठा रहे हैं। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा चुका है। अधिकांश घरों में नल का जल पहुंच गया है एवं अधिकांश घरों तक पक्की गली एवं गलियां बन चुकी है। लक्ष्य लगभग पूरा हुआ है और बचे हुए कार्य भी शीघ्र पूरे होंगे। उन्होंने सात निश्चय दो के तहत युवा शक्ति- बिहार की प्रगति, सशक्त महिला-सक्षम महिला, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव-समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर-विकसित शहर, सुलभ सम्पर्कता और सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा के वादे को गिनवाते हुए कहा कि यदि जनता ने मौका दिया तो इन निश्चय को पूरा कर 'सक्षम बिहार-स्वावलंबी बिहार' का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।

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