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हरियाणा में अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा महिलाकर्मियों को तबादलों में विशेष राहत, सीएम ने की घोषणा

हरियाणा में अविवाहित, तलाकशुदा, विधवा महिलाकर्मियों को तबादलों में विशेष राहत, सीएम ने की घोषणा

चंडीगढ़, - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रक्षा बंधन के अवसर पर स्थानांतरण नीति में महिलाकर्मियों को स्टेशन का विकल्प चुनते समय एक बड़ी राहत प्रदान की है जिसके तहत अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा महिलाकर्मियों को अब 'जनरल ट्रांसफर ड्राइव' में भाग लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

श्री खट्टर ने आज यहां विभिन्न विभागों की तैयार की जा रही 'ऑनलाइन स्थानांतरण नीति' की समीक्षा हेतु बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि ऐसे मामलों में विवाह के बाद उनसे विकल्प मांगा जाएगा तथा नवविवाहिता या अन्य उक्त श्रेणी की महिला कर्मचारियों को उसके विकल्प के अनुसार तीन वर्ष के लिए पहला स्टेशन दिया जाएगा। उसके बाद महिलाकर्मी अगर ट्रांसफर ड्राइव में भाग लेती है तो उसके विकल्प के अनुसार पहला, दूसरा या तीसरा स्टेशन दिया जाएगा। इसी प्रकार, शत-प्रतिशत दिव्यांग या 80 प्रतिशत लोकोमोटिव दिव्यांग कर्मियों को स्थानांतरण नीति अनुसार पहली पसंद का स्टेशन ही दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी प्रशासनिक सचिव अध्यापक ऑनलाइन स्थानांतरण नीति को आधार मानकर अपने विभाग में 500 से अधिक कर्मचारियों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति मुख्य सचिव कार्यालय से 31 अगस्त से पहले अनुमोदित करा लें। कर्मचारी की सहमति लेने उपरांत तीन दिन तक विकल्प देने के लिए पोर्टल खोला जाएगा। जिन विभागों में कर्मचारियों से विकल्प मांगने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है प्रशासनिक सचिव अगस्त माह में किसी भी समय कर्मचारी का ऑनलाइन स्थानांतरण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासनिक सचिव चाहें तो 500 से कम अर्थात 400 या 300 तक के कर्मचारियों की संख्या वाले विभागों के लिए भी ऑनलाइन स्थानांतरण नीति तैयार कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन स्थानांतरण के मामले में जहां नीति में छूट देकर स्थानांतरण किए गए हैं वे केवल अस्थाई यानि दो या तीन महीने के लिए ही हैं और जैसे ही शैक्षणिक सत्र समाप्त होता है तो उन्हें ड्राइव में भाग लेना अनिवार्य होगा। नीति के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को हर वर्ष विकल्प भरने होंगे और उसकी वरिष्ठता अंकों के आधार पर दिए गए विकल्प के अनुरूप स्टेशन दिए जाएंगे। इसी प्रकार, कर्मचारी को अचानक किडनी या दिल की बीमारी होने पर, सम्बंधित जिला उपायुक्त, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और सम्बंधित विभाग का जिलाध्यक्ष की कमेटी उस कर्मचारी की मेडिकल हिस्ट्री का ब्यौरा पोर्टल पर लोड करेगी, जो कर्मचारी के एचआरएमएस से लिंक किया जाएगा। ऐसे मामलों में कमेटी के लिए अलग से नया पोर्टल खोला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आज कृषि एवं किसान कल्याण, सहकारिता, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, विकास एवं पंचायत, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें), परिवहन, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, आबकारी एवं कराधान, पशुपालन एवं डेयरी तथा बिजली विभागों की तबादला नीति की समीक्षा की।

राज्य में अब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कृषि विकास अधिकारी (एडमिन काडर) और फील्ड मैन का एक सितम्बर, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के ऑक्शन रिकार्डर के लिए 15 अगस्त, पशुपालन पालन विभाग वीएलडीए और पशु चिकित्सक का 30 अगस्त से, पंचायत एवं विकास विभाग ग्राम सचिव एवं कनिष्ठ अभियंता का 16 से 20 अगस्त, आबकारी एवं कराधान विभाग के लिपिक एवं सेवादार का 20 अगस्त, स्कूल शिक्षा विभाग के लिपिक वर्ग के लिए 13 अगस्त, लोक निर्माण(भवन एवं सड़कें) विभाग के कनिष्ठ अभियंता (सिविल) का 15 अगस्त, सहकारिता विभाग (आरसीएस) के उप-निरीक्षक सामान्य का 15 अगस्त, परिवहन विभाग के चालकों और परिचालकों का एक अगस्त और लिपिक तथा निरीक्षक का 20 अगस्त से पहली सितम्बर तक, महिला एवं बाल विकास विभाग सुपरवाइजर (महिला) किसी भी समय अगले कार्य दिवस या पांच अगस्त से, उच्चतर शिक्षा विभाग के एसिस्टेंट/एसोसिएट प्रोफेसर (अंग्रेजी व वाणिज्य) का 20 अगस्त से ऑनलाइन तबादले शुरू किये जाएंगे जबकि बिजली निगमों के कनिष्ठ अभियंता, एलडीसी और यूडीसी का तबादला धान सीजन के बाद अक्तूबर में शुरू किया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के अलावा सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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