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विदेश से बेटे के शव को लाने के लिए नहीं थे पैसे, वीडियो कॉल से लिया अंतिम संस्कार में हिस्सा

विदेश से बेटे के शव को लाने के लिए नहीं थे पैसे, वीडियो कॉल से लिया अंतिम संस्कार में हिस्सा

फिरोजपुर, 15 फरवरी - पूर्व फौजी के परिवार के लिए शुक्रवार का दिन बेहद मुश्किल भरा रहा। अपने बेटे के शव को मनीला से लाने के लिए नहीं थे पैसे। मां समेत पूरे परिवार ने 22 साल के बेटे के अंतिम दर्शन वीडियो कॉल के जरिए किऐ ।

फिरोजपुर जिले के मुदकी का रहने वाला सुखजीत सिंह दोधी 22 महीने पहले मनीला गया था। 5 फरवरी को अज्ञात लोगों ने उसे गोली मार दी। 7 दिन इलाज के बाद 12 फरवरी को उसकी मौत हो गई। परिवार के पास पैसा नहीं था कि वे शव को भारत ला पाते, इसलिए वहीं पर अंतिम संस्कार किया गया।

सुखजीत सिंह का पूरा परिवार और रिश्तेदार शुक्रवार को उसके घर पर इकट्ठा हुए और वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार का हिस्सा बने। सभी की आंखें नम थी। बेसुध सी मां बार-बार कह रही थी कि बेटे को एक बार अच्छे से देख लेने दो, उसे छू लेने दो।

परिवार के सदस्य ने बताया कि सुखजीत के दोस्तों ने उसके इलाज के दौरान देखभाल की और खर्च उठाया। शव को भारत लाने में खर्च ज्यादा था, इसलिए मनीला में ही अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। सुखजीत के पिता नछतर सिंह (60) पूर्व फौजी हैं। वे 1992 में फौज से रिटायर हुए थे। परिवार के पास कुल पौने दो एकड़ जमीन है, जिस पर खेती कर उनके घर का गुजारा चलता है।

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