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साल 2020 को लेकर फ्रांसीसी भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की हैरान करने वाली भविष्यवाणी..दुनिया के ख़ात्मे के संकेत

साल 2020 को लेकर फ्रांसीसी भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की हैरान करने वाली भविष्यवाणी..दुनिया के ख़ात्मे के संकेत



माइकल दि नास्त्रेदमस ने आने वाले साल 2020 की जो भविष्यवाणी की है उसमें मानवता के लिए अच्छी खबर नहीं है। इस फ्रांसीसी भविष्यवक्ता ने आने वाले कई सालों के लिए सदियों पहले ही भविष्यवाणियां कर दी थीं। उन्होंने अपनी भविष्यवाणी में विनाश के संकेत दिए हैं। सारी दुनिया को नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों पर काफी यकीन है। उनकी की गईं अब तक की भविष्यवाणियां सच साबित हुई हैं, यही इसके पीछे की बड़ी वजह है।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को देखा जाए तो साल 2020 में दुनिया के ख़ात्मे के संकेत दिए हैं। तो चलिए जानते हैं कि साल 2020 के लिए नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी क्या कहती है।

- नास्त्रेदमस ने अनुसार 2020 में एक नए युग की शुरुआत होगी। उन्होंने अनुमान लगाया कि साल 2020 में कई देशों में आपस में टकराव बढ़ जाएंगे। इसके साथ ही 2020 में इस सदी का सबसे बड़ा आर्थिक संकट भी आएगा।

- भविष्यवाणी को छोड़ दें तो अभी की सूरत यही है कि भारत से लेकर पुरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की हालत काफी खस्ता है। चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर युद्ध की शुरुआत हो चुकी है।

- हालांकि, भविष्यवाणी में यह भी कहा गया है कि 2020 तक लोग पहले से बहुत ज़्यादा जागरुक हो चुके होंगे और लोगों में एक नए तरह का आध्यात्मिक झुकाव देखने को मिलेगा।

- नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका भी जताई गई है। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को इसलिए भी सच माना जा रहा है क्योंकि 2020 में अमेरिका एशिया में सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू करने वाला है।

- भविष्यवाणी के अनुसार साल 2020 में दुनिया के बड़े देशों में गृह युद्ध जैसे हालात हो जाएंगे और लोग सड़कों पर उतर आएंगे।

- यहां तक कि उनकी भविष्यवाणी के अनुसार 2020 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हत्या की कोशिश की जा सकती है। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति, डोनल्ड ट्रम्प को बड़ा नुकसान हो सकता है।

नास्त्रेदमस ने 2020 को एक बहुत ही हिंसक साल बताया है। नास्त्रेदमस ने ये भविष्यवाणी साल 2020 के लिए है हालांकि, भारत में नए साल से पहले ही CAA को लेकर ज़बरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। इसके अलावा, फ्रांस समेत मध्य-पूर्व के ज़्यादातर देशों में भी हिंसक प्रदर्शन हो रहा है।

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