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अजब गजब

अजब गजब

फिनलैण्ड में बारिश बुलाने के लिए व इन्द्रदेव को प्रसन्न करने के लिए लोग रंग बिरंगे वस्त्रों से सज-धजकर ऊंचे पहाड़ों पर जाते हैं। वहां उत्सव मनाते हैं, रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाते हैं, जिसके फटते ही पूरा आसमान कुछ देर के लिए रंगीन नजर आने लगता है। वातावरण खुशमय बन जाता है। इसके पीछे यही पुरानी मान्यता है कि बादलों के रंग-बिरंगे दिखने से इन्द्रदेव प्रसन्न होकर बारिश करते हैं।

- बचपन में ही अंधी और बहरी हो जाने वाली हेलन केलर (1880-1968) ने अपनी सूंघने की शक्ति को इतनी अच्छी तरह से विकसित कर ली थी कि वह अपनी मित्रों को उनकी व्यक्तिगत गंध से पहचान लेती थी।

- एक जर्मन व्यापारी को हाथ मिलाने की परंपरा से इतनी अधिक चिढ़ थी कि उसने ऐसे लोगों के लिए एक अलग क्लब बनवा डाला। क्लब के सभी सदस्य अपनी शर्ट पर बिल्ला लगाए रहते, जिस पर लिखा होता-हम आपसे हाथ मिलाने से इंकार करते हैं।

- उष्ण कटिबंधीय जंगलों से होकर गुजरने वाले यात्री प्राय: शीशे के पात्रों में जुगनुओं को एकत्रित कर लालटेन के रूप में इस्तेमाल करते हैं। क्यूबा तथा अन्य उष्ण कटिबंधीय देशों की महिलायें अपनी पोशाकों पर जुगनुओं को सुई धागे से टांग लेती है या माला की तरह पिरोकर गले में पहन लेती हैं।

- पृथ्वी पर इस समय जीव-जंतुओं की 14 लाख प्रजातियां तथा वनस्पतियों की 5 लाख प्रजातियां मौजूद हैं।

- फिलीपींस में पाये जाने वाले 'सिलिंग ताषुओं को दुनियां का सबसे गरम मसाला माना गया है जब कि चीन में चाक पाक पर्वत में पायी जाने वाली 'जिनसेंग' नामक औषधि है।

- मो. जफर

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